(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी),दिनाँक 21.01.2026 को उपनिदेशक को क्षेत्रीय वन अधिकारी, बेलरायां द्वारा दूरभाष पर सूचित किया गया कि. मादा गैण्डा कल्पना का बच्चा को मुंह (थुथन) पर घाव का निशान है। तत्काल अधोहस्ताक्षरी द्वारा विभागीय पशुचिकित्सक को मौके पर भेज कर घायल गैण्डा बच्चा का शरीरिक परीक्षण कर सूचित करने का निर्देश दिया तथा विभागीय पशुचिकित्सक द्वारा उक्त गैण्डा बच्चा को देखा गया और उसके घायल होने की पुष्टि की। तद्रुपरान्त अधोहस्ताक्षरी द्वारा पशुचिकित्सकों का एक पैनल गतित कर उसके इलाज हेतु उच्च स्तर से अनुमति मांगी गयी। उच्च स्तर से अनुमति प्राप्त होते ही दिनांक 22.01.2026 को गठित विभागीय पशुचिकित्सकों के पैनल की सहायता से उप निदेशक, दुधया टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी के मार्ग निर्देशन में घायल गैण्डा बच्चा को ट्रैकुलाइज कर सफलतापूर्वक इलाज कर छोड़ा गया।उक्त गैण्डा बच्चे के इलाज के दौरान जगदीश आर०, उप निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी, दीपक कुमार पाण्डेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी, बेलरायां, क्षेत्रीय वन अधिकारी, बेलरायां, डॉ० मुहम्मद तलहा, पशुचिकित्सक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, डॉ० दयाशंकर, पशुचिकित्सक, उप निदेशक, बफर जोन, दुधया टाइगर रिजर्व, लखीमपुर-खीरी, दीपक वर्मा, पशुचिकित्सक, कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग, बहराइच, संदीप कुमार, फार्मासिस्ट, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया खीरी, रोहित रवि, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, विश्व प्रकृक्ति-निधि भारत, अपूर्व गुप्ता, बायोलोजिस्ट, विपिन सैनी, आउटरीच प्रोग्राम इन्चार्ज दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, महावत / चाराकटर व अन्य स्टाफ मौके पर उपस्थित रहे।