
(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) हम लोगों के बीच से लंबे समय से घट रही गौरैया पक्षी की संख्या सभी पक्षी प्रेमियों को बहुत चिंतित कर रही है। गौरैया विलुप्त होती जा रही है इसको बचाने के लिए ही लोगों को जागरूक करने के लिए ही विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च को मनाया जाता है। लोगों से अपील की जाती है घर पड़ोस में छोटे-छोटे नींबू, चांदनी, अनार आदि के पेड़ लगाए। गौरैया ऊंचाई तक उड़ती नहीं है छोटे-छोटे पेड़ों पर ही अपना घोंसला बनाती है ।गौरैया बचाने के लिए छत पर मिट्टी के बर्तनों में पानी रखें वहां बाजर, चावल गेहूं ,आदि कुछअनाज भी डालें। नगरों के बड़े-बड़े भवनो में गौरैया पहुंचती ही नहीं है वायर लेस टेलीफोन के टावरों ने भी गौरैया के प्रजननको प्रभावित किया है। आज बंसी नगर के प्राथमिक विद्यालय मे विश्व गौरैया दिवस मनाया गया। जिसमे शिवबाबू सरोज (डिप्टी रेंजर) पलिया रेंज धनीराम मोटीवेटर, नाजरून निशा मोटीवेटर, गरिमा व0द0 रमाकांत मिश्रा व0र0 आदि उपस्थित रहे। बच्चों और शिक्षकों को गौरैया बचाने के लिए जागरूक कया।
