पलिया कलां (खीरी) दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी में कार्यरत रमेश कुमार वरिष्ठ सहायक जो वर्तमान में प्रधान लिपिक कार्यालय दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी के साथ-साथ स्टेनो के दायित्वों का भी निर्वहन कर रहे हैं। इनके बारे में प्राप्त जानकारी के अनुसार यह अपने दायित्वों का पूर्ण सत्यनिष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता से निर्वहन करते हैं, साथ ही अच्छे व्यक्तित्व के मिलनसार व प्रतिष्ठित प्रतिभा को प्राप्त हैं। यह अपने पदीय दायित्वों के साथ-साथ समय की उपलब्धता एवं क्षमतानुसार लोगों का सहयोग करने के लिए जाने जाते हैं।
परम कर्तव्यनिष्ठ कार्मिक के साथ-साथ लोगों में सेवा की भावना के चलते सामाजिक प्रतिष्ठा अच्छी रही है। यही कारण रहा है कि यह पूर्व में दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी में गठित फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर आसीन रहने के साथ-साथ, अब तक 02 बार जिला मंत्री फारेस्ट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के पद पर आसीन रहे हैं। प्रथम बार जनपद स्तरीय फारेस्ट मिनिस्टीरियल एसोसएिशन के अधिवेशन में निर्वाचित होने के उपरांत द्वितीय बार अपने कार्यों, व्यवहार एवं स्वभाव के चलते दूसरी बार निर्विरोध मंत्री चुने गए, जिस पर वर्तमान में भी आसीन हैं।
इससे पूर्व यह फारेस्ट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय मंत्री के रुप में भी मनोनीत किए जा चुके हैं। हालांकि सहयोगियों का सहयोग, सेवा भाव एवं संघ में सक्रियता के चलते इन्हें निलंबन के पारितोषक का संताप भी सहना पड़ा, अपने सेवाभावों के चलते प्राप्त गरिमा का मूल्य चुकाना पड़ा। क्योंकि यह वह कार्य हैं, जो हर किसी के लिए आसान नहीं होता है, एक साथ इस तरह की प्रतिष्ठा को प्राप्त करना। सामान्य रुप से कहा जाए तो ऐसी छवि आमजनमास में चाहे कितनी ही क्यूं न प्रिय हो, परंतु अपने सहयोगियों एवं साथीगणों को ही चुभने लगती है। इसीलिए कोरोना महामारी के दौरान अपने ही सहयोगियों एवं साथियों हेतु इनके द्वारा उठाई गई आवाज को दबाने के लिए कर्मचारियों से मिथ्या बयान लेकर इनके विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही की गई तथा एक वर्ष से अधिक निलंबित रखा गया, जॉच अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष साक्ष्ययुक्त एवं मजबूती के साथ रखने के बावजूद इन्हें मूल पद पर पदावनत भी किया गया, परंतु यह कर्मचारी इतना सरल भी नहीं जितना आंकलित किया गया। इतनी कठोर कार्यवाही के बाद सभी को लग रहा था कि अब तो कैरियर समाप्त हो गया, परंतु दूसरे के लिए हार न मानने वाले सख्स भला अपने मामले में कैसे हार मान लेता? आखिरकार मा0 न्यायालय के निर्णयोपरांत विभाग द्वारा दिए गए दण्ड को समाप्त करते हुए विभाग को पूर्व पद, प्रतिष्ठा एवं वेतन को प्रदान करना पड़ा।
यह एक अच्छे कार्मिक के साथ-साथ एक लेखक एवं संचालक हैं। इनके द्वारा प्रायः ही अपने लेखों के माध्यम से जो विशेषकर वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा एवं संरक्षा से संबंधित होते हैं, उनके द्वारा यह आम जनमानस को जागरुक करने का कार्य करते हैं, तथा जनजागरुकता हेतु विभिन्न स्तरों पर आयोजित होने वाले कार्यशालाओं के संचालन में इनका नाम प्रमुख रुप से विगत काफी समय से आता रहा है। यह अपने कार्य को पूर्ण दक्षता, तत्परता, एवं ईमानदारी से निर्वहन करने हेतु कई बार इस हेतु विभाग द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जा चुका है। सभी को संतुष्ट रख पाना तो लगभग किसी के भी जीवन में नामुमकिन है, परंतु इनके द्वारा अपने कार्यों एवं दक्षता से कोरोना काल में घटित घटना के अपवाद को छोड़कर ऐसा कोई अधिकारी नहीं रहा है, जिनके द्वारा इनके कार्यों की सराहना अपने कार्यकाल में एवं जाने के बाद न की गई हो।
राजकीय कर्तव्यों के प्रति समर्पण, कर्मचारियों के कल्याणार्थ सेवाभाव के चलते संघ में निरंतर सक्रियता के दृष्टिगत इस वर्ष प्रदेश स्तर पर हुए फारेस्ट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के अधिवेशन उपरांत गठित नवीन कार्यकारिणी में इन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष के रुप में मनोनीत किया गया है।