पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर के धौरहरा में शुक्रवार को गोस्वामी तुलसीदास की कर्मस्थली राम वाटिका धाम में 26वें संत तुलसीदास महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राम नाम महायज्ञ की कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा कस्बे के पावर हाउस चौराहा से प्रारंभ हुई। यह सदर बाजार, होली चौराहा, नगर पंचायत कार्यालय, बस स्टैंड तिराहा, कोतवाली गेट और हलवाई चौराहा होते हुए पुनः सदर बाजार से सहकारी साधन लिमिटेड के रास्ते राम वाटिका धाम पहुंची। धाम में कलश स्थापना के साथ महायज्ञ का संकल्प लिया गया।
राम वाटिका धाम उत्थान समिति के संरक्षक भगवती प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि यह राम नाम महायज्ञ 6 से 16 मार्च तक चलेगा। इसमें संत समागम, रामलीला-रासलीला और विभिन्न भक्ति अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने जिले के भक्तजनों से इस पवित्र अनुष्ठान में शामिल होने और सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण
7 मार्च को श्रीराम नाम महायज्ञ एवं कृष्ण रासलीला का प्रारंभ होगा, जिसमें दिन में बरसाना-मथुरा के कलाकारों द्वारा रामलीला और रात्रि में भव्य रासलीला प्रस्तुत की जाएगी। 12 मार्च को दोपहर 2 बजे से संत प्रवचन और रामचरितमानस की गहन व्याख्या होगी।इसके बाद, 13 मार्च को दोपहर 2 बजे से संत समागम, भक्ति भजन और प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। 14 और 15 मार्च को निर्धन कन्याओं का विवाह एवं यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न कराए जाएंगे। महोत्सव का समापन 16 मार्च को पूर्णाहुति के साथ होगा, जिसके बाद रात्रि में महाआरती और राम नाम संकीर्तन किया जाएगा।
समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। महोत्सव के दौरान लगातार भंडारा चलेगा, जहां भक्तजन प्रसाद ग्रहण कर सकेंगे। यह वही पावन स्थल है जहां गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के बालकांड की रचना की थी। आयोजकों ने धौरहरा और खीरी जिले के सभी निवासियों से इस धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने का आह्वान किया है।