


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां ( खीरी)लखीमपुर खीरी, 17 फरवरी। जिले के परिषदीय स्कूलों में मंगलवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल अचानक विकास क्षेत्र फूलबेहड़ के विद्यालयों में पहुंच गईं। प्राथमिक विद्यालय कुंवरापुर से लेकर संविलियन विद्यालय सांडा, प्राथमिक विद्यालय सकरन, सैदापुर और आंगनबाड़ी केंद्र अंजनापुर व हजरतपुर तक डीएम ने पठन-पाठन, साफ-सफाई, उपस्थिति और व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की।
कुंवरापुर में डीएम ने उपस्थिति पंजिका खुद चेक कर बच्चों की गिनती करवाई। हैंडवॉश यूनिट, शौचालय की स्थिति और दूध-फल वितरण की हकीकत जानी। बच्चों से सवाल पूछकर उनका अधिगम स्तर परखा और स्पष्ट कहा कि रीडिंग स्किल मजबूत होगी तो नींव मजबूत होगी।
संविलियन विद्यालय सांडा में स्मार्ट क्लास की हकीकत देखी, मिड-डे मील की गुणवत्ता जांची और कक्षा चार की छात्रा सौम्या से गणित के सवाल हल करवाए। बेहतर शिक्षण व्यवस्था पर प्रधानाध्यापिका सुषमा देवी को प्रशंसा पत्र देने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्र अंजनापुर में पोषण ट्रैकर एप की प्रविष्टियां क्रॉस चेक कीं।
प्राथमिक विद्यालय सकरन में 154 के सापेक्ष महज 64 बच्चे उपस्थित मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। ग्राम प्रधान को निर्देश दिए कि सर्वाधिक उपस्थिति वाले 10 बच्चों के अभिभावकों को सम्मानित करें और कम उपस्थिति वाले बच्चों के घर-घर जाकर संपर्क करें। बीएसए को पूरे जनपद में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने प्राथमिक विद्यालय सैदापुर में कक्षा दो और तीन के बच्चों के अधिगम स्तर का जायजा लिया। बच्चों का प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर न होने पर डीएम ने तत्काल कदम उठाते हुए हेडमास्टर आयशा और शिक्षिका मंजू से स्पष्टीकरण तलब किया। डीएम ने स्पष्ट किया कि बच्चों की पढ़ाई और अधिगम स्तर में कोई भी कमी प्रशासन के लिए गंभीर है। उन्होंने हेडमास्टर और शिक्षिका को निर्देश दिए कि बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए त्वरित और ठोस उपाय किए जाएँ। साथ ही, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और शिक्षण विधियों में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाने का भी आदेश दिया।
*18 फरवरी को परिषदीय विद्यालयों में ‘अभिभावक संग संवाद’, उत्कृष्ट अभिभावक होगें सम्मानित*
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर 18 फरवरी को जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में विशेष अभिभावक बैठक आयोजित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना और शिक्षा की गुणवत्ता को नई गति देना है। बैठक में सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले 10 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा, जबकि कम उपस्थिति वाले बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर नियमित विद्यालय भेजने का संकल्प दिलाया जाएगा। ग्राम प्रधानों की मौजूदगी में उत्कृष्ट अभिभावकों का सम्मान कर शिक्षा को जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी है। स्कूल-परिवार समन्वय से ही बेहतर परिणाम संभव हैं और प्रत्येक बच्चे की नियमित उपस्थिति सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
