
(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) गोला गोकर्णनाथ – खीरी बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड चीनी मिल गोला द्वारा बसन्तकालीन गन्ना बुवाई में नई गन्ना प्रजातियों की बुवाई करने तथा उससे अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए चीनी मिल द्वारा ग्राम भल्लिया बुजुर्ग में वृहद गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उ०प्र० गन्ना किसान संस्थान शाहजहांपुर के सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ पी के कपिल एवं चीनी मिल के वरि० महाप्रबन्धक (गन्ना) पी.एस. चतुर्वेदी के साथ अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
इस गोष्ठी में उ०प्र० गन्ना किसान संस्थान के सहायक निदेशक व वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बसन्तकालीन गन्ना बुआई में कृषकों को गन्ना प्रजाति को० 0238 रेडरॉट रोग से गम्भीर रूप से ग्रसित हो जाने के कारण इसकी बुआई में विशेष सावधानी बरतने तथा उन्नतशील गन्ना प्रजातियाँ को० 0118,15023 एवं कोलख० 14201 तथा निचले क्षेत्र के लिए को० 98014 व कोलख० 94184 की बुवाई करने हेतु प्रेरित किया तथा हरियाणा 119 (HR), कोशा० 91269 एवं पीबी० 95 जैसी अनामित व अस्वीकृत प्रजातियों की बुआई कदापि न करने की सलाह दी।
वरि० महाप्रबन्धक (गन्ना) ने किसानों को गन्ना बुवाई के समय बीज के चुनाव में सावधानी बरतने तथा बीज के रूप में गन्ने के ऊपरी दो तिहाई हिस्से की बुवाई करने तथा 04 फिट की दूरी पर ट्रेंच विधि से गन्ना बोने से होने वाले लाभ की जानकारी दी। साथ ही गहरी जुताई करने से होने वाले लाभ के बारे में जैसे मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ती है,मृदा में वायु संचार अच्छा होता है जिससे पैदावार बढ़ती है। और भूमि उपचार के लिए ट्राइकोडर्मा मिल द्वारा अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है इसके प्रयोग से मृदा में उपस्थित हानिकारक फफूंद नष्ट हो जाते हैं तथा जमीन भुरभुरी हो जाती है। इसके साथ ही बीज उपचार हेतु फॅफूंदीनाशक थायोफिनेट मिथाइल भी अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
और उन्होंने बताया कि उन्नतशील गन्ना प्रजातियों का शुद्ध व निरोग बीज सुरक्षित किया गया है जिसे चीनी मिल के माध्यम से वितरित करने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।साथ ही यह भी बताया कि मिलगेट एवं क्रयकेन्द्रों पर खुली खरीद की जा रही है, जिन कृषकों के पास चीनी मिल को आपूर्ति योग्य गन्ना अवशेष है, वह अपना गन्ना मिलगेट/ क्रयकेन्द्रों पर अपना कोड नं. देकर पर्ची प्राप्त कर गन्ना आपूर्ति कर ले।
