(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी)मोहम्मदी खीरी
कस्बा में पुवायां मार्ग पर कुंभी चीनी मिल के एक सेंटर से ओवर हाइट गन्ना भरकर ले जाते समय ट्रक अनियंत्रित होकर पलटते समय बोलेरो चालक प्राइवेट स्कूल के बच्चों को ले लेकर घर छोड़ने जाते समय चपेट में आ गया जिससे सभी सवार बच्चे गन्ना के नीचे दब जाने से चीख पुकार मच गई जाति धर्म का बंधन छोड़ मानवता को लेकर सभी बचाने दौड़ पड़े पड़ोसी दुकानदारों ने कड़ी मशक्कत कर गाड़ी का शीशा तोड़कर सभी सवार 19 बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया है। बच्चों के नीचे दबने की सूचना आग की तरह फैल गई हजारों की संख्या में लोग हाईवे पर एकत्र होकर बचाव कार्य में जुट गए जिसके चलते वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग जाने से आवागमन ठप हो गया समाजसेवी शिवम राठौर ने अपनी प्राइवेट जानकी एंबुलेंस से सभी बच्चों को अस्पताल लाया गया जहां से इलाज कर हालत ठीक होने पर छुट्टी दे दी जिन्हें परिजन लेकर अपने घर चले गए हैं ।घटना ने स्कूल प्रबंधन व्यवस्था और ओवर हाइट वाहनों के खिलाफ अभियान की पोल खोल दी है।
गुरुवार को 2 बजे करीब स्कूलों में छुट्टी होने के बाद गुरेला रोड स्थित सत्या पब्लिक एकेडमी के बच्चों को एक बोलेरो चालक अपने वाहन में बैठाकर घर छोड़ने जा रहा था पुवायां मार्ग पर पहुंचते समय गुलरिया सेंटर से गन्ना भरकर आ रहा ट्रक चालक ने नियंत्रण खो दिया जिससे ट्रक बच्चों से भरी बोलेरो के ऊपर पलट जाने पर हाहाकार मच गया मौके पर दुकानदारों ने कड़ी मेहनत कर सभी सवार 19 बच्चों को सकुशल बचा लिया है।घटना सुनकर बाइक से दौड़े विधायकक्षेत्रीय विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह एस आई आर कार्रवाई को लेकर कस्बे में मौजूद थे। खबर लगते ही उन्होंने बाइक लेकर घटना स्थल पर पहुंच गए जहां अपने कपड़े और पद की चिंता किए बगैर बचाव कार्य में जुट गए और बच्चों को सकुशल बाहर निकलने पर उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे तभी उनके साथ नपाध्यक्ष संदीप मेहरोत्रा उर्फ कन्हैया, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र बाजपेई भी पहुंच कर इलाज शुरू कराया उन्हें ऐसा करते देखा अन्य लोग भी पीछे नहीं रहे और कार्य में सहयोग करने लगे।घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना लगते ही एसडीएम और निरीक्षक उमेश चौरसिया दलबल के साथ मौके पर पहुंचे बच्चों को सकुशल गन्ना के मलवे से बाहर निकले बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद परिजनों को दे दिया गया है।

देवदूत बनकर आए दुकानदार

हादसे के समय नीचे दबे बच्चों को निकालने के लिए वर्कशॉप का काम करने वाले गोपाल मिश्रा,मिस्त्री मुजम्मिल,चाट भंडार के मालिक शंकर और मिठाई विक्रेता आसाराम,पंचर की दुकान लगाने वाले सारमीन,अनिल आदि लोग देवदूत बनकर आए और बच्चों को बचाकर उन्हें नया जीवन दिया है। बच्चों के परिजन उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।हादसे ने प्रबंधन व्यवस्था की खोली पोल
स्कूल प्रबंधक बच्चों की जान जोखिम में डालकर परिवहन की व्यवस्था ने जिम्मेदार अधिकारियो की अनदेखी के चलते स्कूल संचालक बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं जिसको लेकर हादसे में बाल बाल बच्चे बच्चों के परिजनों ने अपना दुखड़ा रोया है।
ओवर हाइट गन्ना भरकर चीनी मिल के ट्रक चालकों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर परिवहन विभाग की पोल खोल दी है वही मिल चालू होते ही हादसों की बाढ़ आ जाती है जिसके चलते हुए हादसे में 19 बच्चे मौत के मुंह से बाहर निकल आए हैं। अधिकारियों ने अभियान चलाकर फोटो खींच कर वायरल करने तक सीमित रह गया है।
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