(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां ( खीरी) उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त मिनिस्ट्री एस के निर्देशो के अनुपालन बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड पलिया कलां के सभागार में गन्ना पर्यवेक्षकों और फील्ड स्टॉफ के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य गन्ने की विभिन्न प्रजातियों एवं नवीन किस्मों की बैज्ञानिक पहचान सुनिश्चित करना है ,ताकि गन्ना विकास और आपूर्ति प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान केन हेड राजीव तोमर द्वारा गन्ने की शारीरिक संरचना जैसे की पत्ती की बनावट, गांठो का स्वरूप,आंख की स्थिति व तने के विकास के आधार पर किस्मों को वैज्ञानिक तरीके से पहचानने के तरीके बताए गए।
इस दौरान ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मिथिलेश कुमार पाण्डेय, सहकारी गन्ना विकास समिति सचिव एस एन द्विवेदी ने तकनीकी जानकारी साझा की।
ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक मिथिलेश ने इस बात पर जोर दिया कि किस्मों का सही अंकन और शुद्ध आंकड़ों का साधारण न केवल चीनी उद्योग की कार्यक्षमता बढ़ाता है बल्कि किसानों के उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने में भी निर्णायक भूमिका निभाता है। सहकारी गन्ना विकास समिति सचिव सूर्य नारायण दि्वेदी ने कहा कि 20 जनवरी से 5 फरवरी तक अतरिक्त सट्टा हेतु खड़े गन्ना का सर्वे कराए जिससे आवश्यकता अनुसार पर्ची जारी किया जा सके।
इस मौके पर गन्ना समिति व गन्ना विकास परिषद व चीनी मिल के समस्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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