पलिया कलां (खीरी )पलिया नगर में लगभग 50 वर्षों से स्थापित पुलिस चौकी के बारे में समाजसेवी संगठनों एवं आम जनता ने सुरक्षा, कानून व्यवस्था, बढ़ रही जनसंख्या ,एवं अपराधों की दृष्टि से पलिया नगर को रिपोर्टिंग पुलिस चौकी बनाने की मांग की है ।क्योंकि थाना पर भी कार्य की अधिकता होती है। नगर में पहले पुलिस चौकी की स्थापना पुराना अस्पताल रोड विशन दयाल के भवन में स्थापित हुई थी। 80-90 के दशक में खालिस्तान आतंकवाद के दौर में बहुत बड़ी-बड़ी घटनाएं हो गई 1991 में सर्द रात में आतंकवादियों ने पलिया- भीरा -मैलानी रोड पर बरगद चौकी (थाना क्षेत्र मैलानी) के जंगल में आतंकवादियों ने 10 लोगों को मंदिर के दीवाल से खड़े करके गोली मार कर हत्या कर दी थी जिसमें भी रा कस्बे के रामचंद्र वर्मा उनका पुत्र संजीव वर्मा भी शामिल था। एक और आतंकी घटना जिसे सब भयभीत हो गए थे की 4 दिसंबर 1991 को पलिया नगर के प्रसिद्ध डॉक्टर ए के कपूर की बेटी को भी आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया था इन घटनाओं को देखते हुए 1991 में तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी आर के चतुर्वेदी व पुलिस अधीक्षक खीरी के द्वारा नगर की चौकी को पलिया के श्री रामलीला मैदान में स्थानांतरित कर दिया था। कई वर्ष बीत गए पर पुलिस चौकी नहीं हटी । लोगों ने काफी प्रयास भी किया ।अंत में श्री रामलीला कमेटी के तत्कालीन मंत्री बद्री विशाल गुप्ता एवं अध्यक्ष परमेश्वरी दास बंसल ने हाई कोर्ट में रिट याचिका का दायर की । हाई कोर्ट में मामले को न्यायमूर्ति शोभा दीक्षित ने सुना तथा WP no. 1628 (MB) आदेश दिनांक 1.9. 1997 पुलिस चौकी को हटाने का दिया। इस आदेश पर ही पुलिस चौकी हटाई गई फिर तत्कालीन नगर निकायों की टोल टैक्स चुंगी होती थी रेलवे स्टेशन के पास ही चुंगी की जगह पर पुलिस चौकी बना दी गई जिसमें बहुत कम जगह है तबसे पुलिस चौकी चल रही है बढ़ती जनसंख्या अपराध की विभिन्न श्रेणियों से लोगों की कानून और सुरक्षा की व्यवस्था सही करने के लिए जनसेवकों एवं जनता की मांग है की पलिया नगर चौकी को रिपोर्टिंग चौकी का दर्जा दिया जाय।