(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) बेलरायां के श्री गांधी इंटर कालेज प्रांगण में रविवार को मीटर गेज को ब्रॉडगेज में बदलने की मांग को लेकर एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने इस मुद्दे को लेकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की और सरकार से क्षेत्र की रेल सुविधा को बहाल करने की जोरदार मांग उठाई।

महापंचायत में शामिल लोगों की भीड़ से विद्यालय का मैदान खचाखच भर गया। दूर-दराज से आए ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने इसमें भागीदारी की। भारी संख्या में जुटी जनता ने साफ कर दिया कि क्षेत्र की प्राथमिकता अब सिर्फ और सिर्फ ब्रॉडगेज लाइन है। इस महापंचायत का आयोजन पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक शर्मा, विनय जायसवाल, रमाशंकर पांडे, तुषार लहरी, पिंटू यादव, गुरमीत सिंह रंधावा और सत्यप्रकाश की ओर से किया गया। कार्यक्रम का संचालन विनय जायसवाल ने किया। मंच पर वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि रेल केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र की जीवनरेखा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी राजेश अग्रवाल ने कहा कि रेल हमारे क्षेत्र की धड़कन है। यह सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि हमारी विरासत है। उन्होंने कहा कि मीटर गेज लाइन के बंद हो जाने से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार, शिक्षा और रोजगार पर इसका सीधा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की भावना का सम्मान करते हुए तत्काल मीटर गेज को ब्रॉडगेज में बदलना चाहिए। चीनी मिल बेलरायां के पूर्व उपाध्यक्ष गुरजीत सिंह बब्बू ने कहा कि मैलानी से नानपारा तक की मीटर गेज लाइन को ब्रॉडगेज बनाने का वादा किया गया था। लोगों को यह सपना दिखाकर आश्वासन दिया गया कि क्षेत्र को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। लेकिन आज स्थिति यह है कि मीटर गेज लाइन बंद कर दी गई और ब्रॉडगेज कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ। इससे क्षेत्रवासी अपने हक से वंचित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए, अन्यथा आंदोलन और तेज होगा। वरिष्ठ समाजसेवी रमाशंकर पांडे ने कहा कि आज महापंचायत में उमड़ी भीड़ इस बात का सबूत है कि जनता अब जाग चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो यह आंदोलन पूरे जनपद में फैल जाएगा और इसे जनांदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल बेलरायां ही नहीं, बल्कि पूरे तराई क्षेत्र की मांग है ।महापंचायत के अंत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक ब्रॉडगेज का काम शुरू नहीं होता, तब तक क्षेत्रवासी चुप नहीं बैठेंगे। आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर राजधानी लखनऊ और दिल्ली तक आवाज पहुंचाई जाएगी। महापंचायत में आए लोगों ने साफ कहा कि अब वे किसी बहाने को स्वीकार नहीं करेंगे। क्षेत्रवासी वर्षों से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है। अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाया तो यह आंदोलन ऐतिहासिक रूप धारण कर सकता है।

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