



(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर खीरी, 08 सितंबर। विकसित उत्तर प्रदेश और आत्मनिर्भर भारत का सपना अब केवल सरकार की योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि हर घर की भागीदारी से जुड़ रहा है।
कलेक्ट्रेट के अटल सभागार में आयोजित शताब्दी संकल्प @2047 कार्यशाला में प्रबुद्धजनों से लेकर किसानों, उद्यमियों, शिक्षकों और श्रमिकों तक सबने अपने विचार साझा किए। किसानों ने आधुनिक, प्राकृतिक खेती की दिशा दिखाई, उद्योग जगत ने निवेश व कनेक्टिविटी की जरूरत बताई, वहीं शिक्षा व श्रमिक संगठनों ने जनहित से जुड़े सुझाव दिए।
इस कार्यशाला की अध्यक्षता नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस ने की। समिति में शासन से नामित विशेषज्ञों में सेवानिवृत्त आईएएस कुमदलता श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त आईएफएस अजय कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक यूपीसी कॉरपोरेशन डॉ. रामशब्द जैसवारा, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी सलिल यादव तथा वाईडी कॉलेज से हेमंत पाल शामिल हुए। कार्यशाला में अर्थशक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। कार्यशाला की शुरुआत में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और सीडीओ अभिषेक कुमार ने नोडल अधिकारी एवं विशेषज्ञों को पुष्पगुच्छ देखकर स्वागत किया।कार्यशाला की शुरुआत में सीडीओ अभिषेक कुमार ने कार्यशाला की आवश्यकता और प्रासंगिकता बताई। सीडीओ ने कहा कि इस कार्यशाला में वितरित फोल्डर में अंकित क्यूआर कोड को स्कैन करके अपने विचार और संकल्प साझा किया जा सकते हैं।
कार्यशाला में क्रमशः उद्योग, श्रमिक संगठन, माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा के विभिन्न संगठन के पदाधिकारियो ने मा. प्रधानमंत्री की संकल्पना को साकार किए जाने के उद्देश्य से अपने महत्वपूर्ण सारगर्भित सुझाव दिए।आईएमए अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने राजापुर व छाउछ के अलावा एक नए इंडस्ट्रियल एरिया की जरूरत बताई। उन्होंने ओडीओपी में प्लाईवुड उद्योग शामिल करने और मंडी टैक्स में राहत की मांग की। उद्यमी रमेश अग्रवाल ने तकनीकी ग्रेड यूरिया केंद्र की स्थापना पर जोर दिया। व्यापारियों ने दिल्ली से बेहतर ट्रेन कनेक्टिविटी की आवश्यकता जताई।खांडसारी उद्योग के प्रतिनिधियों ने नियमों में शिथिलता की मांग उठाई।
श्रमिक संगठन के पदाधिकारी अरविंद मिश्रा और यूसुफ ने मूलभूत सुविधाओं से लैस लेबर अड्डों की स्थापना का मुद्दा रखा। माध्यमिक शिक्षा संगठन के पदाधिकारी राजेंद्र कुमार आर्य, विशाल वर्मा, मीनाक्षी तिवारी ने अपने विचार रखे। बेसिक शिक्षा संगठन से संजय मिश्रा, राकेश मिश्रा, आभा शुक्ला, डॉ. नमिता श्रीवास्तव ने भी सारगर्भित सुझाव दिए।
*किसानों ने आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती पर दिया जोर*
प्रगतिशील किसान मुरलीधर, अशोक शुक्ला और रामनरेश सहित बड़ी संख्या में किसानों ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के सुझाव दिए।
किसानों ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए खेती-किसानी को आधुनिक तकनीक से जोड़ना बेहद जरूरी है। वही प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही युवाओं को कृषि से जोड़ने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करने की आवश्यकता बताई।
*नोडल अधिकारी ने की हर परिवार से जुड़ने की अपील, QR कोड और विशेष पोर्टल से सुझाव देना बेहद आसान*
नोडल अधिकारी गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने जिले के प्रत्येक परिवार से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। अब हर परिवार सीधे सरकार तक अपने सुझाव पहुँचा सकता है।नोडल ने बताया कि QR कोड और विशेष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सुझाव देना बेहद सरल है। उन्होंने कहा कि वितरित किया गया फोल्डर केवल जानकारी नहीं, बल्कि एक आमंत्रण है। अपने विचार और संकल्प साझा करने के लिए अभी QR कोड स्कैन करें या विज़िट करें :https://samarthuttarpradesh.up.gov.in।
*भारत की उन्नति के लिए अर्थ, सृजन और जीवन शक्ति जरूरी : कुमदलता श्रीवास्तव*
सेवानिवृत्त आईएएस कुमदलता श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से यह पैनल प्रबुद्धजनों से सुझाव प्राप्त करने आया है। भारत की उन्नति के लिए अर्थशक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति को विस्तार देना आवश्यक है। प्रतिभागियों से अपील की कि वे अपने मन में उठ रहे प्रश्न और सुझाव अवश्य साझा करें, ताकि उन्हें शासन तक पहुँचाकर मूर्त रूप दिया जा सके।
*जनभागीदारी से ही सफल होगा शताब्दी संकल्प : सलिल यादव*
शताब्दी संकल्प @2047 कार्यशाला में सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी सलिल यादव ने कहा कि इस संकल्प का उद्देश्य आमजन के सुझाव और सहभागिता को जानना है। जनता की भागीदारी और सारगर्भित विचार ही प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में मदद करेंगे। कार्यशाला के सफल आयोजन पर जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।
*शताब्दी संकल्प को पूरा करने में कृषकों की महती भूमिका : डॉ. जैसवारा*
सेनि कृषि अधिकारी यूपीसी कॉरपोरेशन डॉ. रामशब्द जैसवारा ने कहा कि समर्थ और समृद्ध उत्तर प्रदेश बनाने के लिए इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। शताब्दी संकल्प को पूरा करने में कृषकों की महती भूमिका है, क्योंकि कृषि क्षेत्र ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता की रीढ़ है। किसानों के विचार और सुझाव बेहद अहम हैं, जिन पर अमल कर हम प्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।
