


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर खीरी, 06 अगस्त। हाथ में छतरी, घुटनों तक पानी और चेहरे पर संकल्प… बुधवार को ऐसा ही मानवीय चेहरा नजर आया एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह का, जब वे बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने खुद पानी में उतरकर गांव-गांव पहुंचे। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर सदर और धौरहरा तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने न सिर्फ हालात देखे, बल्कि ग्रामीणों से सीधे संवाद कर मदद का भरोसा भी दिलाया।
एडीएम सबसे पहले एसडीएम अश्विनी कुमार सिंह के साथ रेहरिया गांव पहुंचे। पानी भरे रास्तों को पार करते हुए वे ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोजन दोनों समय हर हाल में पहुंचे और किसी जरूरतमंद को अनदेखा न किया जाए। इसके बाद केवलपुरवा राहत शिविर और खानीपुर बाढ़ चौकी का निरीक्षण किया गया। चिकित्सा और पशुपालन टीमों को सतर्क रहने को कहा गया।
धौरहरा तहसील के गोडियाना मजरा टहारा गांव में भी एडीएम पहुंचे। उन्होंने एसडीएम शशिकांत मणि के साथ ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बेचेलाल महाविद्यालय स्थित राहत केंद्र और ओएनजीसी हॉस्पिटल का भी जायजा लिया। एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत कार्यों में कोई लापरवाही न हो, हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे। प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ हर कदम पर खड़ा है।
*गांव-गांव पहुंचा भोजन, चेहरों पर लौटी उम्मीद की रौशनी*
निरीक्षण के तुरंत बाद एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह के निर्देश पर राजस्व प्रशासन की टीमें हरकत में आ गईं। दोनों तहसीलों में बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेट लेकर कर्मचारी पहुंचे और सैकड़ों परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया। प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
