(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां- (खीरी)दिनांक: 16 मई 2025 39वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पलिया, जनपद लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)सैनिक सम्मेलन का आयोजन में कमांडेंट रबीन्द्र कुमार राजेश्वरी ने दिए अनुशासन, सजगता और जनसंपर्क को प्राथमिकता देने के निर्देश
दिनांक 16 मई 2025 को 39वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पलिया में सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया । यह सम्मेलन रबीन्द्र कुमार राजेश्वरी (कमांडेंट) की अध्यक्षता आयोजित किया गया । सम्मेलन में द्वितीय कमान अधिकारी माधब चन्द्र घोष, अन्य अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारी एवं समस्त कार्मिक उपस्थित रहे ।
सम्मेलन की शुरुआत सशस्त्र सीमा बल के शीर्षक गीत से की गई, जिसने उपस्थित सभी कार्मिकों में उत्साह एवं गौरव की भावना का संचार किया । तत्पश्चात कमांडेंट महोदय ने सभा को संबोधित करते हुए बल के मूल सिद्धांतों – अनुशासन, निष्ठा और सजगता – पर जोर दिया । अपने प्रेरणादायी संबोधन में कमांडेंट श्री रबीन्द्र कुमार राजेश्वरी ने कहा कि बल का प्रत्येक सदस्य ऊँचे दर्जे का अनुशासन बनाए रखे । उन्होंने सरकारी संपत्ति की उचित देखभाल, संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम, पी.टी. एवं योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने की सलाह दी । उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा एक खुली एवं अतिसंवेदनशील सीमा है, जहाँ हर समय सतर्कता एवं सजगता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है । सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए उन पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया । महोदय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि हम सीमा पर मुस्तैदी से तैनात रहें, तो कोई भी शत्रु हमारे देश की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकता । उन्होंने प्रचालन (ऑपरेशनल) गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए तथा क्षेत्रीय नागरिकों से मित्रवत व्यवहार रखने की आवश्यकता पर बल दिया । समाज में बढ़ते साइबर अपराधों की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने सभी कार्मिकों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने और सोशल मीडिया पर बल से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या गतिविधि साझा न करने की सख्त हिदायत दी । उन्होंने बल के जवानों से यह भी आह्वान किया कि वे सीमा पर रहने वाले युवाओं को फोर्स में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित करें और उनमें देशसेवा की भावना जाग्रत करें । उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक कार्मिक को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए । अपने उद्बोधन में कमांडेंट ने पारिवारिक संतुलन और भावनात्मक जुड़ाव की अहमियत बताते हुए कहा कि कार्मिकों को अपने परिवार से नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए, जिससे उनका मनोबल उच्च बना रहे और तनाव से दूर रहें । सैनिक सम्मेलन का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया, जो देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की भावना से ओतप्रोत रहा । यह सम्मेलन न केवल बल के सदस्यों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ, बल्कि उनकी कार्यक्षमता, सजगता और अनुशासन को भी एक नई दिशा प्रदान करता है ।

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