
(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलियाकलां- (खीरी )मुख्यमंत्री द्वारा दुधवा भ्रमण के दौरान दिये गये निर्देशों के क्रम में दुधवा पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के संबंध में आहूत की गई बैठक दिनांक 26.04 2025 को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, शासन, लखनऊ के दुधवा भ्रमण के दौरान दुधवा पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के परिप्रेक्ष्य में दिये गये निर्देशों के कम में आज डॉ० एच० राजामोहन, मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी की अध्यक्षता में दुथवा पर्यटन परिसर के आडिटोरियम हाल में बैठक संपन्न की गई।बैठक में पर्यटन को बढ़ाता दिए जाने की दृष्टि से पर्यटन संबंधी सुविधाओं जैसे, काटेज, जिप्सी/ओपन टाप वाहन, नेचर गाइडों की बुकिंग को आनलाइन किए जाने के संबंध में विचार विमर्श करते हुए बैठक में उपस्थित वाहन चालकों, नेचर गाइडों, वाहन स्वामियों एवं रिजार्ट / होटल स्वामियों से उनका अभिमत प्राप्त किया गया।
बैठक में उपस्थित जय प्रताप सिंह, कैम्प टाइगर लिली रिजार्ट द्वारा समस्त पर्यटन ससाधनो को आनलाइन कर देने के संबंध में अपना अभिमत रखते हुए पर्यटन राजस्व, चालक, गाइड सफारी प्रभावित होने की संभावना व्यक्त की साथ ही यह भी सुझाव दिया कि पर्यटन थोड़ा बेहतर करने की दृष्टि से बुकिंग को कम्प्यूटरीकृत करने पर बल दिया। शोभित दयाल, डीटीआर जंगल हाइडवेज रिजार्ट द्वारा अपना अभिमत रखते हुए कहा गया कि पर्यटन को आनलाइन कर देने से पर्यटकों में अच्छे गाइड एवं वाहन चालकों को स्वेच्छानुसार पर्यटन हेतु ले जाना कठिन हो जाएगा, जिससे पर्यटन प्रभावित होगा।
वहीं दुधवा पर्यटन की धुरी नेचर गाइडों का अभिमत लिए जाने के कम में इस संबंध में नेचर गाइड फहीम द्वारा पर्यटन आनलाइन हो जाने की स्थिति में गाइड फीस हर दिन प्राप्त न हो पाने के कारण आजीविका संबंधी परेशानियों का उल्लेख किया गया। आनलाइन के परिप्रेक्ष्य में सुशील कुमार नेचर गाइड ने अपना अभिमत रखते हुए दुधवा पर्यटन सुविधाएं पर्यटकों को आनलाइन आसानी से सुलभ हो जाने के कारण पर्यटकों के बढ़ने की संभावनाओं के दृष्टिगत समस्त सुविधाएं को आनलाइन किए जाने हेतु अपना पक्ष रखा।
बैठक में जगल मैन्योर से उपस्थित अमित बागरे द्वारा दुधवा पर्यटन को तड़ोबा, बांधवगढ़, रणथंबौर एव जिम कार्बेट की अपेक्षा विकासशील पर्यटन होना बताते हुए अभी इस सुविधा के लागू किए जाने हेतु लगभग 02 वर्ष का समय और दिये जाने पर बल दिया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी द्वारा रिजार्ट/होटल स्वामियो से जीएसटी नियमानुसार जमा किए जाने के परिप्रेक्ष्य में जानकारी ली गई तो समस्त होटल/रिजार्ट स्वामियों द्वारा जी०एस०टी० नियमानुसार जमा किए जाने की जानकारी प्रदान की गई। प्राप्त जानकारी एवं सुझावों को उच्च स्तर के संज्ञान में लाते हुए प्राप्त निर्देशानुसार अग्रिम कार्यवाही का आश्वासन देते हुए बैठक की कार्यवाही पूर्ण की गई।
बैठक में मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी के साथ डॉ० रंगाराजू टी०, वन संरक्षक/उप निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी, सौरीष सहाय, प्रभागीय वनाधिकारी, उत्तर खीरी वन प्रभाग / दुधवा टाइगर रिजर्व (बफर जोन), लखीमपुर खीरी, दीपक कुमार पाण्डेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी, बेलरायां, प्रशांत कुमार प्रियदशी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, पर्यटन रेंज, पर्यटन क्षेत्र दुधवा के साथ-साथ कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग में कार्य कर रहे वाहन चालक, नेचर गाइड, वाहन स्वामी, रिर्जाट / होटल स्वामी आदि उपस्थित रहे।
