(ओमप्रकाश ‘सुमन’ )

पलियाकलां- (खीरी)लखीमपुर खीरी, 05 अप्रैल ,”शिक्षा सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व और उनकी क्षमताओं को निखारने का माध्यम भी है।” इस सोच को साकार करते हुए, उच्च प्राथमिक विद्यालय जगसड़, विकास क्षेत्र नकहा की शिक्षिका संगम वर्मा ने अपने अनूठे प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। उनके उल्लेखनीय योगदान को पहचानते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी राज्य अध्यापक पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने उनके प्रयासों को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स समर्पित कर सम्मानित किया, जिससे उनके कार्यों को और अधिक लोगों तक पहुँचाया जा सके।

*15 वर्षों की समर्पित सेवा और शिक्षा में नवाचार*
बेसिक शिक्षा विभाग में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली संगम वर्मा वर्ष 2013 से इस विद्यालय में कार्यरत हैं। उन्होंने न केवल ब्लॉक और जनपद स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि इस वर्ष राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार के लिए उत्तर प्रदेश से चयनित बेसिक शिक्षा विभाग के टॉप थ्री शिक्षकों में स्थान बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी जगह बनाई। उनके प्रयासों से विद्यालय का नामांकन 300 से अधिक बच्चों तक पहुँच चुका है, जो उनकी मेहनत और प्रेरणादायक शिक्षण शैली को दर्शाता है।

*बाल शिक्षा से लेकर नवाचारों तक की यात्रा*
एक कुशल विज्ञान शिक्षिका के रूप में उन्होंने कई नवाचारों को जन्म दिया, जिससे कठिन विषय भी बच्चों के लिए रुचिकर बन गए। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के बच्चों ने लगातार तीन शैक्षिक सत्रों में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान की जनपदीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया और अन्य विभिन्न प्रतियोगिताओं में ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक सफलता अर्जित की।

*महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा में योगदान*
संगम वर्मा ने मिशन शक्ति अभियान के तहत बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी उपाय किए, जिससे बेटियों को शिक्षा का अधिकार दिलाने की दिशा में अहम योगदान दिया। इसके साथ ही, उन्होंने पुरातन छात्र परिषद का गठन कर पूर्व छात्रों को विद्यालय से जोड़ने और उनके अनुभवों को साझा करने का मंच प्रदान किया।

*विद्यालय: अनुशासन, संस्कृति और सृजनात्मकता का केंद्र*
विद्यालय में प्रवेश करते ही वहां का सुव्यवस्थित परिवेश, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और अनुशासित बच्चों की उपस्थिति हर आगंतुक को आकर्षित करती है। विभिन्न अवसरों पर आयोजित प्रार्थना सभाएँ, कला प्रदर्शनियाँ और विज्ञान प्रयोगशालाओं की गतिविधियाँ इस विद्यालय को अन्य स्कूलों से अलग बनाती हैं।

*एक प्रेरणादायक शिक्षिका का सफर*
शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान और नवाचारों के माध्यम से संगम वर्मा ने यह साबित कर दिया कि एक शिक्षक सिर्फ पढ़ाता ही नहीं, बल्कि समाज की दिशा भी बदल सकता है। उनकी यह यात्रा न केवल शिक्षकों के लिए प्रेरणा है, बल्कि उन सभी के लिए एक मिसाल है जो शिक्षा को एक नई ऊंचाई तक ले जाने का सपना देखते हैं।

*विज्ञान, क्विज, छात्रवृत्ति में उल्लेखनीय सफलता, संगम की अगुवाई में नया कीर्तिमान*

जिले की शिक्षिका श्रीमती संगम वर्मा ने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। सत्र 2024-25 में आयोजित राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत विज्ञान प्रदर्शनी में उनके निर्देशन में तैयार की गई परियोजनाओं को सर्वोत्तम पाँच में चयनित किया गया। इसके साथ ही उनके छात्रों ने क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जो उनकी शैक्षिक नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। यही नहीं, NMMS (राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा) में भी कई वर्षों से लगातार छात्रों का चयन हो रहा है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का प्रमाण है।
अटल आवासीय विद्यालय में भी उनके मार्गदर्शन में छात्र चयनित हुए हैं।

*शिक्षा को नया आयाम देने वाले नवाचार*
संगम वर्मा ने शिक्षा को व्यवहारिक और रोचक बनाने के लिए कई नवाचार विकसित किए, जिनमें प्रमुख हैं:

ज्ञानस्थली प्रार्थना – बच्चों को मूल्यों की शिक्षा देने की अभिनव पहल।

जिज्ञासा पहल – एक बेहतर भविष्य की – बच्चों में वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता विकसित करने के लिए।

पैड बैंक – बालिकाओं की स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु।

हमारे सितारे बने ध्रुव तारे – होनहार छात्रों को प्रेरित करने की अनूठी योजना।

अटेंडेंस स्क्वॉड का गठन – विद्यालय में उपस्थिति बढ़ाने का अभिनव तरीका।

स्टूडेंट ऐज अ टीचर – छात्रों के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए।

ग्रीन आर्मी – पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता अभियान।

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