(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां- (खीरी)लखीमपुर खीरी, 21 मार्च। लखीमपुर खीरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान को मिशन के रूप में अपनाते हुए बड़ी मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप लखीमपुर खीरी ने मिशन मैदान का संकल्प लेते हुए एक साल में मिशन के पहले फेज के तहत जिले में एक हजार परिषदीय विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाले खेल मैदान तैयार किये हैं, जहां बच्चे खेल के जरिये अपना मानसिक और शारीरिक विकास कर रहे हैं। जिलाधिकारी का संकल्प “मिशन मैदान”, अब हकीकत बन गया है। मिशन मैदान के चलते खीरी जिला निपुण असेसमेंट में 72वें स्थान से 26वें स्थान पर आ गया है। वहीं स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 12 फीसद बढ़ी है और मिड-डे मील में उनकी रुचि भी बढ़ी है। बता दें कि एक साल पहले स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति का रेश्यो 57.24 प्रतिशत था, जो आज बढ़कर 69.40 प्रतिशत हो गयी है।

*बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन आौर टीमवर्क विकसित करने को तैयार किये गये खेल मैदान*
जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और टीमवर्क विकसित करने के लिए एक साल पहले मिशन मैदान के तहत पहले फेज में एक हजार परिषदीय विद्यालयों में खेल मैदान विकसित करने का संकल्प लिया गया था। इसके तहत वर्तमान में खेल मैदान बनकर तैयार हो गये हैं, जहां नौनिहाल विभिन्न खेलों के माध्यम से स्वथ्य और और उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मिशन मैदान की थीम खेलेगा खीरी, जीतेगा खीरी रखी गयी थी। डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल ने बताया कि मिशन के तहत 765 विद्यालयों में खो-खो कबड्डी, वाॅलीबाॅल और बैडमिंटन के खेल मैदान विकसित किये गये हैं जबकि 205 परिषदीय विद्यालयों में हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल अैर बैडमिंटन के खेल मैदान विकसित किये गये हैं। वहीं 30 विद्यालयों को चिन्हित करते हुए रूफटॉप इनडोर गेमिंग जोन विकसित किये गये हैं, जहां बच्चे कैरम, चेस, माइंड गेम, सिमेट्री गेम और टेबल टेनिस खेल क लुत्फ उठा रहे हैं।

*खेल गतिविधियों से बच्चे सुबह की कर रहे शुरुआत*
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मिशन मैदान के तहत अब लखीमपुर खीरी के सरकारी स्कूलों के बच्चे हर दिन 30 मिनट की खेल गतिविधि के साथ अपनी सुबह की शुरुआत कर रहे हैं। इससे न केवल उनका शारीरिक विकास हो रहा है, बल्कि उनका मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता भी बेहतर हो रही है। मिशन को सफल बनाने में मनरेगा और स्थानीय संसाधनों की बड़ी भूमिका रही है। स्थानीय स्तर पर श्रमिकों को इस योजना में रोजगार मिला, जिससे गांवों में आर्थिक सशक्तिकरण को भी बल मिला। डीएम की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन, समुदाय और सरकार मिलकर काम करें, तो असंभव भी संभव हो सकता है। मिशन मैदान सिर्फ एक खेल परियोजना नहीं है, बल्कि यह बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम वर्क जैसी महत्वपूर्ण योग्यताओं का विकास भी कर रहा है। यह पहल उन बच्चों के लिए एक नई उड़ान लेकर आई है, जिन्हें खेल सुविधाओं का पहले कोई अवसर नहीं मिलता था।

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