(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां ( खीरी) बलदेव वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम जो 16 मार्च से 22 मार्च तक चलेगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत विभिन्न विषयों को लेकर और राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं को समाज में सेवा भावना से लोगों को जागरूक करना है उनको शिक्षा देनी है उनको स्वच्छता के बारे में भी जानकारी देनी है ।इसी कार्यक्रम के तहत इंटर कॉलेज के विवेकानंद सभागार में प्रधानाचार्य लेफ्टिनेंट डी एल भार्गव की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिनेश तिवारी क्राइम इंस्पेक्टर थाना पलिया व उनका अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा। उन्होंने स्वयंसेवकों को विभिन्न विषयों की शिक्षा दी मुख्य रूप से उन्होंने सड़क सुरक्षा जो आज का मुख्य मुद्दा है। यातायात के प्रति हमें कितनी स्पीड से चलना है हमें कैसे चलना है अधिकतर दुर्घटनाएं हाई स्पीड के कारण हो जाती है वाहन चलाते समय हमें मोबाइल फोन आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना चाहिए सीट बेल्ट बांधना चाहिए। लापरवाही नहीं करनी चाहिए तेज रफ्तार भी नहीं होनी चाहिए और नशे का सेवन करके भी वाहन चलना गलत है। अधिकांश घटनाएं ओवर टेकिंग में हो जाती हैं ओवर टेकिंग मे भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। नियमों का पूर्णतः पालन करना चाहिए और उन नियमों का पालन करके ही हम अपनी यात्रा को सुगम और सफल बना सकते हैं। इसके बाद उन्होंने व्यक्ति के आगे बढ़ाने में उसके चरित्र का भी बहुत महत्व है चरित्र ही उसे बहुत ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। यदि उसका चरित्र सही नहीं है तो वह अपने स्तर से नीचे भी आ सकता है ।इन सब बातों को स्वयंसेवकों ने ध्यान से सुना । प्रधानाचार्य डी एल भार्गव ने भी स्वयंसेवकों को बताया कि राष्ट्र की सेवा सबसे बड़ी सेवा है और इस सेवा से हम दूसरों की भलाई भी कर सकते हैं अपने देश समाज और राष्ट्र को ऊंचा बना सकते हैं। इस कार्यक्रम में आए अतिथि साहित्यकार पत्रकार ओमप्रकाश ‘सुमन’ नेभी भी छात्र-छात्राओं (स्वयंसेवकों )को अपने शिक्षा के प्रति भी विशेष ध्यान देने के लिए कहा ।शिक्षा ही मनुष्य को उन्नति की ओर ले जाती है और अशिक्षा अवनति की ओर ले जाती है ।अच्छे छात्र बनने के लिए हमें पूरी लगन से पूरे मन से अपने शैक्षिक कार्यों को करना चाहिए। गुरुजनों की आज्ञा का पालन करना चाहिए और विद्यालय प्रबंधन के बनाए गए सारे नियमों का पूर्णतः पालन करना चाहिए। तभी हमारी शिक्षा सार्थक हो सकती है। प्रधानाचार्य डी एल भार्गव ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed