(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां- (खीरी)लखीमपुर खीरी 20 मार्च। उप्र विधान परिषद की दैवीय आपदा प्रबंधन की जांच समिति के अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम के तहत जिला पंचायत सभागार में आपदा प्रबंधन की विशेष कार्यशाला में दैवीय आपदाओं से बचाव की रणनीति बनाए जाने के लिए जिम्मेदारों को निर्देशित किया।

समिति के सभापति अवनीश सिंह (सदस्य विधान परिषद), एमएलसी उमेश द्विवेदी, मो. जासमीन अंसारी, अंगद सिंह व राम सूरत राजभर ने संयुक्त रूप से विशेष कार्यशाला का दीप जलाकर शुभारंभ किया। सभापति ने आपदाओं के न्यूनीकरण व बचाव की रणनीति बनाने की जरूरत जताई। कार्यशाला में आपदाओं से बचाव, राहत कार्यों की रणनीति, प्राथमिक चिकित्सा व सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।

मौजूद विशेषज्ञों ने आग, बाढ़, भूकंप, बिजली गिरने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव व सुरक्षा से जुड़े उपायों के बारे में जानकारी दी। साथ ही चोट या आपदा की स्थिति में प्राथमिक उपचार के तौर-तरीकों को भी समझाया। मौजूद अफसरों ने कृषि व बागवानी फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार के स्तर पर संचालित राहत योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। आपदा प्रबंधन से जुड़े दामिनी, मेघदूत और आपदा प्रहरी ऐप की आवश्यकता प्रासंगिकता और वर्किंग समझाई। ऐप के डेमो प्रस्तुतीकरण भी दिया।

*प्रशिक्षको ने सिखाए आपदा से बचाव के तरीके*
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षक राज नारायण वर्मा और तहसीलदार आदित्य विशाल ने आग, भूकंप, बाढ़ और दूसरी आपदा के दौरान बचाव करने के तरीके सिखाए। आपदा में घायल हुए लोगों को प्राथमिक उपचार करने की ट्रेनिंग भी दी। कार्यशाला की शुरुआत में एडीएम संजय कुमार सिंह ने कार्यशाला की आवश्यकता, प्रासंगिकता बताई। आपदा प्रबंधन के विभिन्न चरणों, गतिविधियों के कुशल संचालन में उपस्थित जनों को प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में प्रशिक्षित करते हुए सम्पूर्ण समुदाय को जागरूक व प्रशिक्षित कर विभिन्न आपदाओं से होने वाली जन-धन एवं पर्यावरण की हानियों को न्यूनतम किया जा सकता है।

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