

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलियाकलां- कलां- (खीरी)दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के अन्तर्गत दिनांक 14.08.2024 को राजकीय हाथियों को गैण्डा पुर्नवास प्रथम क्षेत्र में चरने हेतु छोड़ा गया था, जिन्हे पकड़ने हेतु महावतों व चारा कटरों द्वारा प्रातः दिनांक 15.08.2024 को प्रयास किया गया तभी राजकीय नर हाथी गजराज मदमस्त होने के कारण जंजीरे/बेड़ी तोड़ते हुये चराई क्षेत्र से बाहर चला गया एवं उसके साथ अन्य 06 राजकीय मादा हाथी, किरन, कावेरी, सुहेली, पवनकली, चमेली एवं सुलोचना भी चले गये। उक्त राजकीय हाथियों की सतत निगरानी/अनुश्रवण डा० रंगाराजू टी०, उप-निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया खीरी के कुशल दिशा-निर्देशों एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी, दक्षिण सोनारीपुर रेंज के नेतृत्व में महावत / चाराकटर व अन्य सहयोगी स्टाफ मय ड्रोन कैमरे के साथ निरन्तर किया गया। उक्त कार्य में तकनीकी सहयोग हेतु विश्व प्रकृति निधि-भारत की टीम द्वारा अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। उपरोक्त राजकीय हाथी गजराज व अन्य 06 मादा हाथियों (किरन, कावेरी, सुहेली, पवनकली, चमेली एवं सुलोचना) को अनुश्रवण / निगरानी टीम द्वारा आज दिनांक 29.08.2024 को प्रातः सफलतापूर्वक सुरक्षित रेस्क्यू कर अपनी अभिरक्षा में ले लिया गया है।उक्त रेस्क्यू कार्य में राजपाल सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी, दक्षिण सोनारीपुर रेंज व महावत / चाराकटर, रोहित रवि, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, विश्व प्रकृति निधि भारत, विपिन सैनी, आउटरीच प्रोग्राम इंचार्ज, संदीप कुमार, फार्मासिस्ट व अन्य सहयोगी स्टाफ आदि मौके पर उपस्थित रहें। यह जानकारी ललित कुमार वर्मा मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड डायरेक्ट दुधवा टाइगर रिजर्व लखीमपुर खीरी ने दी।
