




(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 01 नवंबर। न्याय अब केवल अदालतों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पात्र जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी एक ही मंच पर मिले, इसी उद्देश्य से रविवार को राजकीय आईटीआई राजापुर स्थित ओपन ऑडिटोरियम में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में न्यायिक अधिकारियों और जिला प्रशासन ने आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी अधिकारों और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल की। विभिन्न विभागों के स्टॉलों के माध्यम से 2538 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया गया, जबकि 4579 लोगों ने सहभागिता की।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित शिविर में जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष लोकेश राय ने कहा कि आर्थिक कमजोरी अथवा जागरूकता के अभाव में कोई भी व्यक्ति न्याय और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। शिविर के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए तीन चरणों में कार्ययोजना तैयार की गई है। पहले चरण में पात्रों को चिह्नित कर जागरूक किया गया, दूसरे चरण में स्टॉलों के माध्यम से लाभ पहुंचाया जा रहा है और तीसरे चरण में शेष पात्रों तक सहायता पहुंचाई जाएगी। महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों पर विशेष ध्यान दिया गया।
*गांव में ही सुलझाएं छोटे विवाद, अदालतों का बोझ होगा कम : डीएम*
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि छोटे-मोटे पारिवारिक, सामाजिक और भूमि संबंधी विवादों को आपसी संवाद, सहमति और समझौते के आधार पर गांव स्तर पर ही सुलझाने की पहल होनी चाहिए। इससे न्यायालयों में मुकदमों का बोझ कम होगा और जरूरतमंदों को समय से न्याय मिल सकेगा। विधिक साक्षरता शिविर आमजन को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने आपसी भाईचारा बनाए रखने और विवादों का समाधान बातचीत से करने की अपील की।
*लाभ पाकर खिले चेहरे, दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल तो श्रमिकों को मिली आर्थिक मदद*
शिविर में जिला जज लोकेश राय और डीएम अंजनी कुमार सिंह ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए। दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल और व्हीलचेयर, पात्रों को पीएम आवास योजना के स्वीकृति पत्र तथा किसानों को बीज प्रदान किया गया। श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत चेक वितरित कर लाभान्वित किया गया, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मातृत्व एवं बाल पोषण को प्रोत्साहन देने के लिए गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई गई और नन्हे शिशुओं को खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण डॉ. कपिला राघव, नोडल अधिकारी राजेश्वरी टोलिया, सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अम्बरीष त्रिपाठी सहित न्यायिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
*स्टॉलों पर सजी योजनाओं की जानकारी, उमड़ी लाभार्थियों की भीड़*
मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों ने अपने स्टॉल सजाए। कहीं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तो कहीं पात्रों को मौके पर ही लाभान्वित किया। जिला जज लोकेश राय, डीएम अंजनी कुमार सिंह ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, महिला कल्याण, पुलिस, ग्रामोद्योग, पशुपालन, पंचायती राज, बैंकिंग, कृषि, गन्ना, उद्यान, समाज कल्याण और परिवहन सहित विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर लोगों की आवाजाही बनी रही। गन्ना विभाग का स्टॉल खास आकर्षण बना, जहां सहफसली खेती का जीवंत प्रदर्शन कर किसानों को कम लागत में अतिरिक्त आमदनी के विकल्पों से परिचित कराया गया। किसानों ने प्रदर्शन में रुचि दिखाई और खेती की नई तकनीकों की जानकारी ली।
