पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 31 अक्टूबर। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के निदेशानुसार अंतिम प्रकाशित पंचायत निर्वाचक नामावली में छूटे हुए मतदाता अपना नाम जुड़वाने, दर्ज विवरण में संशोधन कराने और अपात्र नाम हटवाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए निर्धारित समयावधि में आवेदन प्राप्त करने और उनका निस्तारण करने की व्यवस्था की गई है। नामांकन के लिए निर्धारित अंतिम तिथि के बाद मतदाता सूची में किसी प्रकार का परिवर्धन, संशोधन या विलोपन नहीं किया जा सकेगा।
जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) अंजनी कुमार सिंह ने राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में सभी तहसीलों और विकासखंडों को इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के सामान्य निवासियों को जानकारी दी जाए कि अंतिम प्रकाशित पंचायत मतदाता सूची मे निर्वाचन के लिए नोटिस जारी होने से पूर्व तक नाम शामिल कराने, संशोधन कराने अथवा नाम विलोपित कराने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
*जांच के बाद ही होगी कार्रवाई*
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्राप्त दावों और आवेदनों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा-9(8) के प्रावधानों के तहत नामांकन की अंतिम तिथि के बाद निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने तक मतदाता सूची में कोई सुधार, निष्कासन या परिवर्धन नहीं किया जा सकेगा। ऐसे में निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करना जरूरी होगा।
*तहसीलों में सुरक्षित रहेगा आवेदनों का रिकॉर्ड*
प्रशासन की ओर से तहसीलों को परिवर्धित, संशोधित और विलोपित किए गए नामों का विवरण सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचक नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद तहसीलों से प्राप्त विवरण के आधार पर जिला स्तर पर ऑनलाइन डाटा इंट्री कराकर संबंधित नामों को मतदाता सूची में समावेशित किया जाएगा।
*हर सप्ताह होगी आवेदनों की समीक्षा*
डीएम ने निर्देश दिए हैं कि निर्धारित अवधि में प्राप्त दावों और आवेदनों का निस्तारण प्रत्येक सप्ताह के अंत तक पूरा किया जाए। सत्यापित आवेदनों की संख्या का विवरण जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय), लखीमपुर खीरी को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
