

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलियाकलां खीरी खंभारखेड़ा (लखीमपुर )बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड की खंभारखेड़ा चीनी मिल की ओर से ग्राम सुकईपुरवा में वृहद किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में क्षेत्र के किसानों को शरदकालीन गन्ना बुवाई के प्रति जागरूक करते हुए वैज्ञानिक खेती की नवीन तकनीकों, उन्नत गन्ना प्रजातियों तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर के वैज्ञानिक एवं सहायक निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार कपिल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि गन्ने की खेती में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए सही प्रजाति का चयन, समय पर बुवाई और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती की लागत कम करने तथा प्रति इकाई क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
गोष्ठी में शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए CoLk 14201, Co 0118, CoLk 16202, Co 21012 एवं Co 20016 गन्ना प्रजातियों को अपनाने की सलाह दी गई। किसानों को चार फीट की दूरी पर ट्रेंच विधि से बुवाई करने तथा निर्धारित शरदकालीन बुवाई लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज का चयन करने, बुवाई से पूर्व बीज उपचार, संतुलित उर्वरकों के प्रयोग, समयानुसार सिंचाई तथा खेत में खरपतवार नियंत्रण पर भी ध्यान देने की सलाह दी गई। बताया गया कि इन कृषि कार्यों को उचित समय पर करने से फसल की बढ़वार बेहतर बनाने और उत्पादन क्षमता में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
गोष्ठी के दौरान गन्ने के साथ सरसों, मटर, मसूर एवं आलू जैसी फसलों की सहफसली खेती के महत्व पर भी चर्चा की गई। किसानों को बताया गया कि फसल एवं बुवाई के समय के अनुरूप सहफसली खेती अपनाकर अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। साथ ही, खेत की नियमित निगरानी और कीट एवं रोगों की समय पर पहचान कर उचित प्रबंधन करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मिल के महाप्रबंधक (गन्ना) पुष्पेंद्र ढाका एवं एजीएम (केन) राजेंद्र सिंह ने किसानों को गन्ने की खेती में नवीन तकनीकों को अपनाने तथा मिल द्वारा आयोजित किसान गोष्ठियों में कृषि संबंधी मार्गदर्शन कार्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, खंभारखेड़ा सुरेश कुमार चौधरी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र के प्रमुख किसान बलवंत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसानों ने गोष्ठी में भाग लिया और गन्ने की खेती से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
मिल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि किसानों को उन्नत गन्ना खेती के प्रति जागरूक करना, नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराना तथा उत्पादन एवं आय बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन देना प्राथमिकता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों और गन्ना विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ क्षेत्र में गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित वैज्ञानिकों, अतिथियों एवं किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
