पलिया कलां (खीरी) दुधवा में वन्यजीव संरक्षण का संदेश लेकर सड़कों पर उतरे स्कूली बच्चे 150-200 विद्यार्थियों ने निकाली जागरूकता रैली, 3-डी मॉडलों में दिखाई जंगल और वन्य जीवों के प्रति रचनात्मक सोच दुधवा, 3 अक्टूबर, 2026।वन्य जीव सप्ताह के तहत दुधवा टाइगर रिजर्व में शनिवार को वन्य जीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को लेकर एक विशेष जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। दुधवा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए करीब 150-200 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ रैली में हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने रैली के माध्यम से वन्यजीवों के संरक्षण, जंगलों की सुरक्षा और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश लोगों तक पहुंचाया।
रैली का शुभारंभ दुधवा टाइगर रिजर्व के उप निदेशक ने किया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी, विभिन्न स्तर के कर्मचारी तथा विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। रैली में शामिल बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों ने वन्य जीव संरक्षण से जुड़े संदेशों के साथ रैली में भाग लिया और रास्ते में लोगों का ध्यान जंगल तथा वन्यजीवों के महत्व की ओर आकर्षित किया। रैली दुधवा मुख्यालय से शुरू होकर दुधवा क्षेत्र से पलिया बाजार तक पहुंची। इसके बाद रैली वापस दुधवा मुख्यालय लाई गई। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने वन्य जीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक आवासों को बचाने का संदेश दिया। दुधवा के जंगलों से निकलकर जब यह रैली पलिया बाजार पहुंची तो बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी बच्चों की इस पहल को देखा। इस दौरान वन विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को व्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से रैली में शामिल कराया। बच्चों ने बताया की जंगल सिर्फ जानवरों का घर नहीं, हमारी जिम्मेदारी भी है।
जागरूकता रैली का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल वन्य जीवों के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण की प्रक्रिया से जोड़ना भी रहा। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि जंगल केवल बाघ, हाथी, गैंडा, हिरण और अन्य वन्य जीवों का आवास नहीं हैं, बल्कि ये जल, मिट्टी, वनस्पतियों और मानव जीवन से सीधे जुड़े हुए प्राकृतिक तंत्र हैं।
विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि वन्य जीवों के संरक्षण में स्थानीय समुदाय और युवा पीढ़ी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बच्चों को अपने आस-पास दिखाई देने वाले पक्षियों, तितलियों, छोटे जीवों और पेड़-पौधों के प्रति संवेदनशील रहने तथा उनके संरक्षण के लिए दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
3-डी मॉडलों में दिखाई दी बच्चों की कल्पनाशीलताः- वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए 3-डी मॉडलों को भी कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया गया। बच्चों ने इन मॉडलों के माध्यम से जंगल, वन्यजीव, प्राकृतिक आवास और संरक्षण से जुड़े विषयों को अपनी रचनात्मक सोच के साथ प्रस्तुत किया। वन विभाग के अधिकारियों एवं उपस्थित स्टाफ ने सभी मॉडलों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मकता, विषय की समझ तथा मॉडल की प्रस्तुति को ध्यान में रखते हुए उनका मूल्यांकन किया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों में वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों को अलग-अलग रचनात्मक रूपों में दर्शाया गया, जिसने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया।
मॉडल प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए प्रतिभागियों का चयन किया गया है। इन विजेताओं को 8 अक्टूबर, 2026 को आयोजित होने वाले वन्य जीव सप्ताह के मुख्य समापन समारोह में सम्मानित कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
अधिकारियों ने बच्चों से किया सीधा संवादः- कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वन्य जीव संरक्षण से जुड़े विषयों को समझने का अवसर भी मिला। उप निदेशक, एस0डी0ओ0, बेलरायां तथा एस0डी0ओ0 दुधवा एवं वॉर्डन सहित वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों से संवाद किया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से वन्य जीवों, जंगल, दुधवा टाइगर रिजर्व और संरक्षण से जुड़े विषयों पर बातचीत की। बच्चों ने भी वन्य जीवों और जंगल से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सरल भाषा में उŸार दिया गया। इस संवाद का उद्देश्य बच्चों के मन में वन्य जीवों के प्रति जिज्ञासा और संवेदनशीलता को बढ़ाना तथा उन्हें संरक्षण की वास्तविक चुनौतियों से परिचित कराना रहा। अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण तभी प्रभावी हो सकता है, जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें अपनी भूमिका समझे। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को प्रकृति के करीब लाना आवश्यक है, क्योंकि यही पीढ़ी भविष्य में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारी संभालेगी।
रैली ने दिया आने वाली पीढ़ी को संरक्षण से जोड़ने का संदेशः- दुधवा में आयोजित यह जागरूकता रैली वन्यजीव सप्ताह की गतिविधियों की कड़ी में विद्यार्थियों को सीधे संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास रही। जंगल की सीमा से निकलकर बाजार और आम लोगों के बीच पहुंची इस रैली ने वन्य जीव संरक्षण के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने वन्य जीवों और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने तथा अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। वन्यजीव सप्ताह के आगामी कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी और बढ़ाने की दिशा में भी गतिविधियां जारी रहेंगी। 8 अक्टूबर को होने वाले मुख्य समापन कार्यक्रम में 3-डी मॉडल प्रतियोगिता के चयनित विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। दुधवा के जंगलों से शुरू हुई इस पहल में बच्चों की भागीदारी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि वन्यजीव संरक्षण की कहानी केवल जंगल के भीतर नहीं लिखी जाती है, उसे समाज और आने वाली पीढ़ियों के बीच भी पहुंचाना उतना ही जरूरी है।
जागरूकता रैली व गोष्ठी के दौरान श्री जगदीश आर0, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी, महावीर सिंह, वन्य जीव प्रतिपालक, दुधवा, दीपक कुमार पाण्डेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी, बेलराया, अखिलेश कुमार शर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, दक्षिण सोनारीपुर, अयूब खॉ, क्षेत्रीय वन अधिकारी, किशनपुर, नवीन दिवाकर, क्षेत्रीय वन अधिकारी, मैलानी, आर0के0 तिवारी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, बेलरायॉ, श्री प्रशान्त सोनी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, उत्तर सोनारीपुर, रितेश पटेल, क्षेत्रीय वन अधिकारी, दुधवा, प्रशान्त प्रियदर्शी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, पर्यटन, अभिषेक सिगतिया, क्षेत्रीय वन अधिकारी, सठियाना, क्षेत्रपाल सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी, बनकटी, विकास वर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, गौरीफन्टा, रोहित रवि, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, विश्व प्रकृति निधि-भारत, रमेश कुमार स्टेनो, दुधवा, सुशांत सिंह, वरिष्ठ सहायक, बिपिन सैनी, आउटरीच प्रोग्राम इंचार्ज, श्रवण कुमार, आदेशपालक, धनीराम, सुश्री नाजरून निशा, अभिप्रेरक, मीडियाबन्धु, शिक्षणगण, ई0डी0सी0 भगवन्तनगर के साथ-साथ अन्य अधिकारीगण/कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर पार्क प्रशासन द्वारा सभी को कार्यक्रम को सफल बनाने में दिये गये सहयोग हेतु धन्यवाद व्यक्त किया गया।