(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 27 जून। शारदा नदी के कटान से गांवों और कृषि भूमि को सुरक्षित रखने के लिए चल रही कटान निरोधक परियोजना का शनिवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। पलिया तहसील के दौलतापुर क्षेत्र में पहुंचकर डीएम ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति, तकनीकी मानकों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कार्य संतोषजनक मिला।

निरीक्षण के दौरान डीएम अंजनी कुमार सिंह ने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष कार्य गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं। जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड अजय कुमार ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि यह परियोजना 02 अप्रैल से प्रारंभ हुई है, जिसकी अनुबंध लागत 5 करोड़ 34 लाख 97 हजार 420 रुपये है तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 01 जुलाई है। उन्होंने बताया कि परियोजना अंतिम चरण में है और अगले दो-तीन दिनों में इसे पूर्ण कर लिया जाएगा।

परियोजना के तहत शारदा नदी के कटान को रोकने के लिए जियो बैग, नायलॉन क्रेट, आरबीएम भराई तथा बोल्डर पिचिंग जैसे तकनीकी एवं संरचनात्मक कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे नदी के तेज बहाव से गांवों और आसपास की अवसंरचना को सुरक्षित रखा जा सके। ईई ने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने पर दौलतापुर, कचनारा एवं करतारपुर सहित तीन गांवों की लगभग 5,950 आबादी तथा 45.73 हेक्टेयर कृषि भूमि को शारदा नदी के कटान से स्थायी सुरक्षा प्राप्त होगी। साथ ही मैलानी-पलिया मीटर गेज रेलवे लाइन को भी कटान के खतरे से सुरक्षित संरक्षण प्राप्त होगा।
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*बझेड़ा में क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत युद्धस्तर पर, 10 कटरों से मोड़ी जा रही नदी की धारा, डीएम ने किया निरीक्षण*
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने तहसील गोला अंतर्गत शारदा नदी के दाहिने किनारे स्थित ग्राम बझेड़ा में वर्ष 2021 में निर्मित कटान निरोधक परियोजना के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कार्य का भी स्थलीय निरीक्षण किया।

इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि नदी का प्रवाह वर्तमान में परियोजना से सटकर बह रहा है, जिससे संरचना पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के लिए 5 मीटर × 5 मीटर आकार के 10 कटरों का निर्माण कराया गया है, ताकि नदी की धारा को मोड़कर तटबंध से दूर किया जा सके।

इसके साथ ही चार अलग-अलग स्थानों पर बालू का पर्याप्त स्टॉक तैयार रखा गया है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कटान रोकने की कार्रवाई की जा सके। डीएम ने निर्देश दिए कि मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए और हर हाल में ग्राम एवं संरचना की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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