


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 26 अप्रैल। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवकली में आयोजित उत्तर प्रदेश के पहले अंतर्राष्ट्रीय मेडिकल अल्ट्रूइज्म सम्मेलन में उस समय गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब मेधावी छात्रों को मंच पर सम्मानित किया गया। सदर विधायक योगेश वर्मा, डीएम अंजनी कुमार सिंह और सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता, प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने कॉलेज के पहले बैच में प्रथम वर्ष में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं क्रमशः अखिलेश यादव, छवि गुप्ता, मनीषा वर्मा व उदा खान को सम्मानित किया। अतिथियों ने मेडिकल कॉलेज की प्रकाशित पुस्तिका ‘कांफ्रेंस सोवेनियर’ का विमोचन भी किया।
सदर विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि पहले प्रदेश में सीमित मेडिकल कॉलेज और सीटों के कारण कई होनहार छात्रों का दाखिला नहीं हो पाता था, लेकिन मुख्यमंत्री के विजन वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज के तहत अब करीब 51 सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित होकर चिकित्सा शिक्षा में नई क्रांति लाई गई है। उन्होंने मेडिकल एल्ट्रिज्म विषय को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए बधाई दी। छात्रों से मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि खीरी मेडिकल कॉलेज के पहले बैच का प्रथम वर्ष सफलता से पूर्ण होना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सम्मानित मेधावी छात्रों को संस्थान की नींव बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सम्मेलन की थीम “परोपकारार्थमिदं शरीरम्” को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अंगदान के प्रति जागरूकता ही असंख्य जीवन बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। यदि समाज में इस दिशा में समझ विकसित हो, तो यह पहल भविष्य में हजारों जिंदगियों को नई उम्मीद दे सकती है।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में विज्ञान व मानवता का संगम ही हमारी ताकत है। मेडिकल एल्ट्रिज्म विषय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह अंग विफलता से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। यह सम्मेलन इस दिशा में नई सोच विकसित करेगा।
प्रधानाचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि विधायक योगेश वर्मा द्वारा चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने में निरंतर सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में ओपन जिम, फुटबॉल किट व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह है। साथ ही अंगदान के महत्व पर जोर देते हुए इसे जन-जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
