(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) आज 17 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया X पर 2 पोस्ट किए। उनमें लिखा कि कुछ ही देर में मतदान होने वाला है।मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। देश की आधी आबादी को उसका हक दें। पीएम मोदी की अपील और तमाम लामबंदियों के बावजूद केंद्र सरकार के लाए तीनों बिल लोकसभा में पास नहीं हो सके। पिछले 12 साल में ऐसा पहली बार है कि सरकार किसी बिल को वोटिंग के बाद पास नहीं करा पाई।
लेकिन जब सरकार को ये बात पता था कि उसके फेवर में नंबर गेम नहीं है, तो फिर क्यों लोकसभा में ये बिल लेकर आई? लोकसभा में बिलों के पास न होने और उसके राजनीतिक नफा-नुकसान ही पूरी कहानी है। सरकार के 3 बिल लोकसभा में पास क्यों नहीं हो सके महिला आरक्षण कानून नहीं लागू हो सका।
2029 से पहले लागू करने के लिए केंद्र सरकार 3 काम करने की तैयारी में थी-लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करना, देश का नया चुनावी नक्शा खींचना, यानी परिसीमन और महिला आरक्षण कानून को अमल में लागू करना। लोकसभा में और राज्यसभा में महिलाओं का 33% आरक्षणके लिए बिल था। सरकार 2011 की जनगणना को आधार पर महिला आरक्षण और परिसीमन लागू करने के लिए लोकसभा में तीन बिल लाई थी…1. संविधान (131वां संशोधन.2. परिसीमन विधेयक, 20263. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026
परिसीमन और केंद्र शासित कानून (संशोधन) विधेयक सामान्य बहुमत से पास होने वाले बिल थे, यानी इसके लिए वोटिंग करने वाले सांसदों का आधे से एक ज्यादा समर्थन चाहिए था।वहीं संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के लिए विशेष बहुमत की जरूरत थी। क्योंकि इसमें लोकसभा की अधिकतम सीटें 550 से बढ़ाकर 850 करने, आर्टिकल 81 और 82 में बदलाव, और महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का प्रावधान है।
दरअसल, संविधान के आर्टिकल 368 के मुताबिक संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है, यानी आधे से ज्यादा सदस्य सदन में मौजूद रहें और जितने सदस्य उपस्थित हैं, उनका दो-तिहाई बहुमत चाहिए होता है।
कुल मिलाकर बिल पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए था। वोटिंग के दौरान लोकसभा में 528 सांसद मौजूद थे। इस हिसाब से बिल को पास कराने के लिए 352 वोट चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बल के पक्ष में 298 मत तथा विरोध में 230 मत पड़े । 54 मतों की कमी से बिल नहीं पास हो सका।
Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *