(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) हवन पूजन के साथ नवीन सत्र का शुभारम्भ तहसील फतेहपुर बाराबंकी।लक्ष्य प्राप्ति का मूल मन्त्र ज्ञानेन्द्रियों का केन्द्रीकरण।
ज्ञानेन्द्रियो की सम्पूर्ण चेतनाओं को एकाग्रीभूत कर अपना ध्यान केन्द्रित करने से हम जीवन के श्रेष्ठ व उत्कृष्ट लक्ष्य को सरलता पूर्वक प्राप्त कर सकते हैं।
“उक्त उद्गार स्थानीय सरस्वती शिशु मन्दिर इण्टर कॉलेज तहसील फतेहपुर के प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने वन्दना सभा में भैया बहनों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारी वन्दना सभा मन मस्तिष्क के विकारों को दूर कर चेतना को एकाग्र करने का प्रभावी और सफल माध्यम है। जब हम सभी हवन करते समय माँ गायत्री एवं महामृत्युञ्जय का मन्त्रोचारण करते हैं तो माँ से अपने विवेक को सन्मार्ग पर प्रेरित करने का निवेदन करते हैं और भगवान शिव से जीवन की साधना का सुयोग्य उद्देश्य पूर्ण करने के लिए समर्पण भाव प्राप्त करने की प्रार्थना निवेदित करते हैं। आज नवीन सत्र का आगाज़ विद्या की अधिष्ठात्री वाग्देवी माँ वीणापाणि की वन्दना एवं हवन पूजन के पश्चात हुआ। वन्दना सभा के पश्चात सभी आचार्य बन्धु भगिनी एवं भैया बहनों ने हवन पूजन किया। जिसमें प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार जी वर्मा सपत्नीक मुख्य यजमान रहे। प्रेरक व स्पष्ट वाणी में मन्त्रोच्चार के साथ पुरोहित कार्य वरिष्ठ आचार्य वीरेन्द्र शर्मा जी द्वारा किया गया। समस्त आचार्य बन्धु -बहनों,विद्यालय के कर्मचारी भैया-मैया एवं भैया बहनों ने मां सरस्वती के सम्मुख हवन कुण्ड में मन्त्रोच्चार के साथ हव्य सामग्री व समिधाएं डालकर हवन पूजन किया। हवन पूजन के उपरान्त नवीन सत्र की कक्षाओं का सञ्चालन प्रारम्भ किया गया।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *