पलिया कलां ( लखीमपुर) बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड चीनी मिल पलिया व गन्ना विकास परिषद द्वारा क्षेत्र में बसंतकालीन गन्ना बुवाई में नई गन्ना प्रजातियों की बुवाई करने तथा उससे अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए ग्राम पटिहन में वृहद गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर ज्येष्ठ विकास निरीक्षक मिथिलेश पांडेय एवं चीनी मिल के महाप्रबन्धक (गन्ना) राजीव तोमर कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
इस गोष्ठी में डा पी के कपिल ने बसन्तकालीन गन्ना बुआई में कृषकों को गन्ना प्रजाति को० 0238 रेडरॉट रोग से गम्भीर रूप से ग्रसित हो जाने के कारण इसकी बुआई में विशेष सावधानी बरतने तथा उन्नतशील गन्ना प्रजातियाँ को० 0118,15023 एवं कोलख० 14201 तथा निचले क्षेत्र के लिए को० 98014 व कोलख० 94184 की बुवाई करने हेतु प्रेरित किया तथा हरियाणा 119 (HR), कोशा० 91269 एवं पीबी० 95 जैसी अनामित व अस्वीकृत प्रजातियों की बुआई कदापि न करने की सलाह दी।
महाप्रबन्धक (गन्ना) ने किसानों को गन्ना बुवाई के समय बीज के चुनाव में सावधानी बरतने तथा बीज के रूप में गन्ने के ऊपरी दो तिहाई हिस्से की बुवाई करने तथा 04 फिट की दूरी पर ट्रेंच विधि से गन्ना बोने से होने वाले लाभ की जानकारी दी। साथ ही गहरी जुताई करने से होने वाले लाभ के बारे में जैसे मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ती है,मृदा में वायु संचार अच्छा होता है जिससे पैदावार बढ़ती है। और भूमि उपचार के लिए ट्राइकोडर्मा मिल द्वारा अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है इसके प्रयोग से मृदा में उपस्थित हानिकारक फफूंद नष्ट हो जाते हैं तथा जमीन भुरभुरी हो जाती है। इसके साथ ही बीज उपचार हेतु फॅफूंदीनाशक थायोफिनेट मिथाइल भी अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मिथिलेश पांडेय ने गन्ना विकास परिषद द्वारा संचालित योजनाओ के बारे में जानकारी दी तथा उन्नतशील गन्ना प्रजातियों का शुद्ध व निरोग बीज चीनी मिल द्वारा सुरक्षित किया गया है जिसे चीनी मिल के माध्यम से वितरित किया जा रहा है।
इसी क्रम में समिति अध्यक्ष अभिषेक अवस्थी ने समिति द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए जैविक खेती करने के तरीके और लाभ की जानकारी दी।
इस मौके पर पूर्व प्रधान श्री कृष्ण भास्कर, डायरेक्टर जरनैल सिंह, डायरेक्टर अरविंद, निरवाल सिंह , यशवंत सिंह, प्रमोद तोमर ने गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रवीन खोखर ने किया।