
भारत की सांस्कृतिक विविधता इस पर्व में अत्यंत सुंदर रूप से झलकती है। देश के विभिन्न भागों में इसे अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है, जैसे महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में उगादी, बंगाल में पोइला बैसाख और सिंधी समाज में चेटी चंद। नाम भले ही अलग हों, परंतु सभी में एक ही भावना निहित है नई शुरुआत, समृद्धि और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का स्वागत।
ओमप्रकाश ‘सुमन'(कवि -लेखक- पत्रकार) पलिया कलां (लखीमपुर खीरी )उत्तर प्रदेश -262902
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