

( न्यूज़- राजीव गोयल)
पलिया कलां (खीरी) बांकेगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से विनायक इण्टर कालेज पहुंची चिकित्सकों की टीम ने छात्र छात्राओं को सीपीआर के संबंध में जानकारी देते हुए उन्हें मानव जीवन की सुरक्षा करने के लिए शपथ दिलाई।प्रधानाचार्य सहित छात्र छात्राओं और शिक्षकों ने मानव जीवन की सुरक्षा के लिए शपथ ली।
छात्र-छात्राओं को जागरुक करते हुए डॉक्टर सुनील वर्मा ने बताया कि मंत्रालय द्वारा 13 से 17 अक्टूबर 2025 तक राष्ट्रव्यापी कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस गतिविधि के अंतर्गत, एक राष्ट्रव्यापी प्रतिज्ञा अभियान चलाया जा रहा है। इसमें प्राथमिक से लेकर उच्चतर स्तर तक सभी स्वास्थ्य सेवा केंद्रों के कर्मचारी वर्चुअल और अन्य माध्यमों से यह प्रतिज्ञा ले सकते हैं। अन्य जागरूक नागरिकों को भी प्रतिज्ञा लेनी चाहिए और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। सीपीआर ऐसी तकनीक है जो हार्ट अटैक से बढ़ते मौत के मामलों को कम कर सकती है। इससे मानव जीवन की सुरक्षा भी होगी। सीपीआर एक जीवन रक्षक तकनीक है इसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति का दिल धड़कना या सांस लेना बंद कर देता है। यह आपातकालीन प्रक्रिया, जिसमें छाती पर दबाव डालना और बचाव श्वास देना शामिल है। यह प्रक्रिया चिकित्सा सहायता न मिलने तक मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बनाए रखने में मदद करती है। यह हृदयाघात के प्रारंभ के कुछ मिनटों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। अपने देश में ही इस प्रक्रिया द्वारा कई जाने बचाई जा चुकी है। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य धर्मवीर गुप्ता ने छात्र छात्रों को बताया कि आज छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों के बीच हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं ऐसे में सीपीआर की जानकारी प्रत्येक छात्र-छात्रा को होनी चाहिए इससे हम अपने परिवार, समाज अन्य लोगों के जीवन की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इसके बाद मानव जीवन की सुरक्षा के लिए कार्य करने के लिए प्रत्येक छात्र-छात्रा को शपथ दिलाई गई, तत्पश्चात एक छात्र को बेंच पर लिटाकर सीपीआर देने की प्रक्रिया को भी सिखाया गया।
कार्यक्रम के दौरान आरबीएसके काउंसलर शिवानी माथुर, एनम संजू मौर्य, निशा त्रिवेदी, फार्मासिस्ट नैमिष वर्मा, नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ अवधेश कुमार मिश्रा, तथा चिकित्सक डॉक्टर सुनील वर्मा के अलावा विद्यालय के शिक्षक अंकुश गुप्ता, मनीष कुमार, संदीप मिश्रा तथा अन्य शिक्षक तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
