(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर खीरी, 03 सितंबर। खेल प्रतिभाओं को निखारने और जिले को खेलों में पहचान दिलाने की तैयारी तेज हो गई है। बुधवार को डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक की।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को मंच और संसाधन देना ही अब प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी कड़ी में 14 अक्टूबर को बेटियों को समर्पित भव्य खेल आयोजन किया जाएगा। ताइक्वांडो, कबड्डी, चेस जैसे खेलों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए इन खेलों के कोच उपलब्ध कराने हेतु मुख्यालय से पत्राचार किया जाए। साथ ही उपक्रीड़ा अधिकारी को निर्देश दिए कि इन खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं, खिलाड़ियों को सूचीबद्ध कर प्रोत्साहन की दिशा में कार्य करें। स्टेडियम निर्माण कार्यों का नियमित अनुश्रवण कर शीघ्र पूर्ण कराया जाए।

डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि खिलाड़ियों की जरूरतों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए, ताकि जिले की प्रतिभाएं प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

बैठक में स्टेडियम में प्रतियोगिताओं के दौरान वायरलेस साउंड सिस्टम, मेज-कुर्सी व बेंच-डायस की उपलब्धता पर चर्चा हुई। साथ ही स्वीमिंग पूल के संचालन हेतु कोच व जीवन रक्षक, जिम ट्रेनर मानदेय प्रशिक्षक रखने का प्रस्ताव भी रखा गया। खिलाड़ियों के लिए आवश्यक खेल उपकरण उपलब्ध कराने और समिति के कोष को मजबूत बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, प्रशिक्षु आईएएस मनीषा, उप क्रीड़ा अधिकारी मो.इरफान, बीएससी प्रवीण तिवारी, जीआईसी के प्रधानाचार्य सहित विभिन्न खेलों के कोच मौजूद रहे।

*डीएम की पहल पर 14 अक्टूबर को होगा बेटियों को समर्पित खेल इवेंट*
जिले में खेल प्रतिभाओं को संवारने और बेटियों को विशेष मंच देने के लिए जिला प्रशासन बड़ी पहल करने जा रहा है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने निर्देश दिए कि 14 अक्टूबर को बेटियों को समर्पित भव्य खेल इवेंट आयोजित होगा। डीएम ने अधिकारियों को तैयारी समय रहते पूरी करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम की रूपरेखा आकर्षक और प्रभावी हो। इसमें अधिक से अधिक बेटियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी प्रतिभा को सामने लाया जा सके। उन्होंने कहा कि खेल न सिर्फ शारीरिक और मानसिक मजबूती का आधार हैं, बल्कि बेटियों को आत्मविश्वास और नेतृत्व की नई पहचान भी दिलाते हैं।

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