(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां ( खीरी)लखीमपुर खीरी, 22 अगस्त: कहते हैं एक मां का दर्द दूसरी मां ही समझ सकती है। जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को महेवागंज स्थित गोलदार अस्पताल की लापरवाही से नवजात की मौत के मामले की जानकारी जैसे ही मिली, उन्होंने बिना देर किये ताबड़तोड़ एक्शन लिये। डीएम ने अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिये कि दलबल के साथ गोलदार अस्पताल पहुंचे और सख्त से सख्त कार्रवाई करें। डीएम के निर्देश पर अस्पताल को सील कर दिया गया और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। वहीं डीएम ने प्रसूता का इलाज अच्छे से अच्छे इलाज कराने के निर्देश दिये और अधिकारियों को मौके पर भेजकर प्रसूता के साथ पीड़ित परिवार का कुशलक्षेम जाना। डीएम ने कहा कि इस तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इतना ही नहीं डीएम ने प्रसूता के इलाज के खर्च की जिम्मेदारी भी खुद ली। बता दें कि पीड़ित परिजन ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई थी।

*डीएम के निर्देश पर लापरवाह अस्पताल को किया गया सील, जांच जारी*
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता और एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह को दलबल के साथ लापरवाह गोलदार अस्पताल पहुंचे, टीम ने जांच शुरू की और डीएम को मामले से अवगत कराया। इस पर डीएम ने अस्पताल को तत्काल सील करने के निर्देश दिये। साथ ही मामले की गहनता से जांच के निर्देश दिये। डीएम के निर्देश पर अस्पताल को सील कर दिया गया है और मामले की जांच चल रही है। वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों को जिला महिला अस्पताल शिफ्ट किया गया। प्रशासन का कहना है कि इस दुख की घड़ी में पूरा जिला प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।

*डीएम के निर्देश पर एडीएम पहुंचे अस्पताल, डीएम उठाएंगी प्रसूता के इलाज का पूरा खर्च*
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने अधिकारियों को सृजन अस्पताल में भर्ती प्रसूता का हाल जानने के लिए अधिकारियों को मौके पर जाने के निर्देश दिये। डीएम के निर्देश पर एडीएम जे अनिल कुमार रस्तोगी अपनी टीम के साथ सृजन अस्पताल पहुंचे। यहां पर उन्होंने डॉक्टर्स से प्रसूता के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी हासिल की। साथ ही डॉक्टर्स को निर्देश दिये कि प्रसूता के इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिये। प्रसूता को अच्छे से अच्छा इलाज मुहैया कराया जाए। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन से जो भी मदद चाहिये, वह उपलब्ध करायी जाएगी। फिलहाल, प्रसूता की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं डीएम एक मां के दर्द को समझते हुए खुद प्रसूता के इलाज का पूरा खर्च वहन करने की जिम्मेदारी उठायी। साथ ही परिजनों से बोलीं, वह किसी प्रकार की चिंता न करें, पूरा जिला प्रशासन उनके साथ है।

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