(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कला ( खीरी) बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड, चीनी मिल में स्थित बजाज देवालय में छ: दिवसीय स्थापत्य वास्तु कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस के उद्बोधन में आचार्य सुशील बलूनी ने वास्तु शास्त्र के भवन निर्माण संबंधी नियम, भूमि के प्रकार, अवस्था व उर्जा स्तरों की बिस्तरपूर्वक चर्चा की ।

आचार्य बलूनी जी ने भूगोल, खगोल व भूगर्भ पर विस्तार से चर्चा करते हुए वास्तु के आध्यात्मिक तथा प्रयोगात्मक पक्ष को समझाया। व्यक्ति को प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर जीवन को जीना चाहिए। श्री बलूनी ने बताया की प्रकृति के पूर्ण नियमों की जानकारी प्राप्त कर प्रकृति के साथ स्वयं का समायोजन किस प्रकार करना है, यही वास्तु है। दुर्भाग्य से आज कुछ धन लोलुप लोगों ने इस विषय को व्यापार बनाकर कछुए-मेढक-दर्पण-व चाइनीज घंटियाँ बेचने का जरिया बना लिया है। लोग मूलभूत नियमों से दूर होकर इसमें टोटका ढूँढने लगे हैं। कैसे इससे बचने व प्राकृतिक नियम अनुरूप पंचमभूत समायोजन से वास्तु का लाभ लेने की आवश्यकता है,
इस अवसर पर बजाज पब्लिक स्कूल के बच्चो द्वारा राम आएंगे,बगड़ बम बम, दहिया पी गये सारा रारा का रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों में रिया,अनाया, आदित्य, निधि, श्रेया,त्रिशा, मायरा भटनागर,मान्या, आकांक्षा,काब्या,परी ने प्रस्तुत किया।
इस मौके पर मुख्य रूप से बजाज ग्रुप के प्रबंध निदेशक अजय शर्मा व जमना लाल बजाज फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक हरिभाई मौरी ने दूर दराज से आए किसानों में बंकड सिंह, देवेन्द्र सिंह मुन्ना, सुखदेव सिंह सुक्खा पूर्व समिति चेयरमैन, तरसेम सिंह पूर्व डायरेक्टर समिति, रमाकांत पांडेय को साल उढ़ाकर सम्मानित किया।कार्यक्रम स्थल पर युनिट हेड सहित सैकड़ों की संख्या में किसान , चीनी मिल अधिकारी, कर्मचारी महिलाएं,बच्चे उपस्थित रहे।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *