(ओमप्रकाश सुमन)

पलिया कलां (खीरी) बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डी एल भार्गव ने प्रिय अभिभावकों से कहा है कि आज का युग डिजिटल क्रांति का है, लेकिन मोबाइल की चमक हमारे बच्चों को शिक्षा और खेल की असली रोशनी से दूर ले जा रही है। स्क्रीन पर घंटों बिताने से उनकी आंखें थक रही हैं, मन अशांत हो रहा है और शरीर सुस्त पड़ रहा है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें मोबाइल की कैद से निकाल कर ज्ञान और खेल के मैदान की ओर ले जाएं।
शिक्षा बच्चों का भविष्य है किताबों की खुशबू, कक्षा की चर्चा और शिक्षक का मार्गदर्शन उन्हें वह देता है, जो कोई ऐप नहीं दे सकता। उन्हें पढ़ने की आदत डालें, सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही, खेल को उनकी जिंदगी का हिस्सा बनाएं। दौड़ने, कूदने और दोस्तों के साथ हंसने से उनका शरीर स्वस्थ और मन प्रसन्न रहेगा। खेल उन्हें अनुशासन, टीमवर्क और धैर्य सीखना है- ये अच्छा जीवन में काम आएंगे।
मोबाइल का उपयोग सीमित करें। उनके साथ समय बताएं- कभी किताब पढ़े, कभी मैदान पर खेलें। आपका प्यार और ध्यान ही उन्हें दिशा दिखाएगा। उनकी छोटी सफलताओं को सराहें, ताकि वे मोबाइल की बजाय शिक्षा और खेल में रुचि लें। आइए,मिलकर अपने बच्चों को एक स्वस्थ, सुखी और सार्थक भविष्य दें।

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