(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलियाकलां- (खीरी)अभी तक पलिया नगर में भी टाइगर (बाघ ) ने प्रवेश नहीं किया था क्षेत्र के गांव मरौंचा, ढाका बसंतपुर कलां आदि ग्राम के क्षेत्र में बाघ पहले आतंक पहले से मचा चुके हैं ।पर कल की रात पलिया में भी बाघ ने अपनी दस्तक दे दी है। रात को बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज व थाने में भी प्रवेश करके निकला है नगर में हलचल मच गई थी। बाद में दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे फुलवरिया गांव में रात में 3 बजे बाघिन पहुंची। रतनलाल के घर के बाहर बंधी गाय पर हमला बोल दिया। गाय की आवाज सुनकर रतनलाल की पत्नी रामरानी (35) घर के बाहर आईं। बाघिन ने रामरानी पर हमला बोल दिया। रामरानी का कंधा जबड़े में दबोच लिया और घसीटकर ले जाने लगी। पत्नी की चीख सुनकर रतनलाल
दौड़कर बाहर आया और पत्नी की जान बचाने के लिए बाघिन पर टूट पड़ा। रतनलाल बाघिन पर बांस से ताबड़तोड़ वार करने लगा। बाघिन ने उस पर भी झपट्टा मारा, रतनलाल भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
रतनलाल को भारी पड़ता देख बाघिन भागने लगी। घर में लगे अमरूद के पेड़ और दीवार के बीच फंस गई। इतने में ग्रामीणों की भीड जुट गई और सब ने उसे मारपीट कर घायल किया बाद में किसी वाहन से उसका सर कुचल दिया और उसे मौत के घाट उतार दिया। वन विभाग काफी देर से वहां पहुंचा लोगों ने बाघिन का शव भी नहीं उठाने दिया बाद में उसका शव उठाकर पोस्टमार्टम करा कर शव आग से जलाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
