(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां- (खीरी)लखीमपुर खीरी 19 अक्टूबर। शनिवार को अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार प्रमुख सचिव परिवहन, अध्यक्ष उप्र राज्य परिवहन निगम और महानिदेशक उपाम, एसआईआरडी एल. वेंकटेश्वर लू जनपद खीरी पहुंचे, जहां सीडीओ अभिषेक कुमार ने पुष्प कुछ देकर उनका स्वागत किया।

इसके बाद प्रमुख सचिव ने जिला ग्राम्य विकास संस्थान भंसडिया में सड़क सुरक्षा और मिशन कर्मयोग विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में शिरकत की। बैठक एवं गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव (परिवहन) एल. वेंकटेश्वर लू ने सीडीओ अभिषेक कुमार, एडीएम संजय सिंह, एएसपी नेपाल सिंह, आरटीओ संजय कुमार तिवारी, संदीप कुमार पंकज, राज्य ग्राम विकास संस्थान से सहायक निदेशक एसके सिंह व सलाहकार हेमेंद्र शर्मा संग दीप प्रज्ज्वलन कर गोष्ठी का शुभारम्भ किया।

मुख्य अतिथि एल. वेंकटेश्वर लू ने कर्मयोग, सड़क सुरक्षा पर विस्तार से बताते हुए इनके अंर्तसम्बंधों को भी बताया। सभी को प्रमाणिकता के साथ अपने कार्य को लगन और निष्ठा के साथ करना चाहिए। गीता में कर्मयोग के बारे में बताया गया है। कर्मयोग से व्यक्ति में वैचारिक शुद्धता, त्याग की भावना, राष्ट्रभक्ति एवं देशभक्ति विकसित होती है, जिससे व्यक्ति समाज सेवा से जुड़ता है। कर्मयोग से ही मानसिक नियंत्रण रख सकेंगे एवं सड़क सुरक्षा व समग्र सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। बच्चों को सही शिक्षा एवं संस्कार दिया जाना चाहिए। अधिकारी, कर्मचारी व सभी व्यक्तियों को अपने कर्म को ठीक ढंग से करना चाहिए। सही ज्ञान के साथ सही आचरण करने से सुख का मार्ग प्रशस्त होगा। संसार में अन्याय कर कोई भी सुखी नहीं हुआ है। सम्यक ज्ञान, कर्म, दृष्टि, सत्यनिष्ठा व श्रद्धा के साथ जीवन मे आगे बढ़े।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के मन, वचन, कर्म एवं वाणी में एकाकार होना चाहिए। शास्त्रों में सटीक जीवन के बारे में बताया गया है। शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए एवं उसके अनुसार अपना आचरण करने का प्रयास करना चाहिए। सड़क सुरक्षा के बारे में कहा कि यातायात के नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। जो भी कार्य करें, सावधानी के साथ करें। शराब का सेवन करके वाहन नहीं चलाना चाहिए।

मन पर नियंत्रण न होना ही दुर्घटनाओं का मुख्य कारण : रामकृष्ण गोस्वामी

मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान दिल्ली के अध्यक्ष रामकृष्ण गोस्वामी ने कहा कि मन पर नियंत्रण न होना ही दुर्घटनाओं का मुख्य कारण है। उन्होंने गीता शिक्षा पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि गीता शासन, प्रशासन व अनुशासन का केन्द्र बिंदु है एवं न्याय धर्म की आत्मा है। उन्होंने कहा कि गीता के कर्मयोग का ज्ञान सबको होना चाहिए।

यातायात नियमों के पालन से बचा सकते है जिदगियां : सीडीओ

सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि सड़क पर जाने से पहले अपने और अपने परिवार की चिंता अवश्य करनी चाहिए। महिलाए पुरुषों को हेलमेट पहनने के लिए कहें। हेलमेट लेने के साथ-साथ उसे पहनने का संकल्प लें। यातायात नियमों का पालन कर हादसों पर अंकुश लगाने में सहयोग करे। ओवरस्पीडिंग का कोई लाभ तो नही मिलता बल्कि खतरा जरूर बढ़ जाता है। हेलमेट को अपनी आदत व दिनचर्या में शामिल करे।

घायल को अस्पताल पहुंचाना नैतिक दायित्व : एडीएम

एडीएम संजय सिंह ने गुड सेमेरिटन की भूमिका को रेखांकित किया। घायल व्यक्ति को जितनी जल्दी अस्पताल ले जाएंगे, उसके बचने की संभावना भी उतनी ही बढ़ जाती है। इसलिए घायल व्यक्ति को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंच कर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका अदा करें। हेलमेट, सीटबेल्ट लगाने पर जोर देते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन करने की बात कही।

कार्यक्रम की शुरुआत में एआरटीओ अखिलेश द्विवेदी ने कार्यक्रम की आवश्यकता, प्रासंगिकता बताई। वही कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ मनीष चंद्रा ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन जनार्दन बाबू मिश्र ने किया। कार्यक्रम में पीडी एसएन चौरसिया, एसडीएम सदर अश्विनी सिंह, ईई पीडब्लूडी अनिल कुमार यादव, डीसीओ वेदप्रकाश, पीटीओ कौशलेंद्र यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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