

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलियाकलां- (खीरी)बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड खम्भारखेड़ा, गन्ना विकास विभाग, लखीमपुर खीरी एवं गन्ना शोघ संस्थान, शाहजहांपुर द्वारा ग्राम कोडरी में आयोजित किया गया “कृषक गोष्ठी” बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड चीनी मिल खम्भारखेड़ा द्वारा मिलगेट के ग्राम कोडरी में गन्ना फसल में लगने वाले रोगों की पहचान एवं रोकथाम की तकनीकी जानकारी देने के साथ ही आधुनिक गन्ना खेती पर जोर देने के उद्देश्य से एक बृहद कृषक गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में चीनी मिल अधिकारियों, गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों, गन्ना शोध संस्थान,शाहजहांपुर के वैज्ञानिक गणों सहित सैकड़ों कृषकों द्वारा भाग लिया गया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, खम्भारखेड़ा द्वारा कृषकों से उन्नतशील प्रजातियों की बुवाई ट्रेंच विधि से करने के साथ साथ चीनी मिल द्वारा एवं गन्ना विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेने हेतु उपस्थित कृषको को प्रेरित किया गया, तथा कृषक हित में चलाए जा रहे नवीन क्रियाकलापों के बारे में विस्तार से बताया गया। शाहजहांपुर शोध संस्थान से आये वरि0 वैज्ञानिक एवं उप निदेशक डा. प्रवीण कुमार कपिल द्वारा किसानों एवं चीनी मिल स्टॉफ को कीट-पतंगों जैसे चोटी बेधक, अर्ली शूट बोरर आदि कीटों के नियंत्रण तथा रेड-रॉट, कन्डुवा (स्मट) बीमारी के प्रसार को रोकने एवं पोक्का बोईंग आदि रोग से प्रभावित फसल की पहचान तथा बचाव के उपाय सुझाए गए। तथा कृषि वैज्ञानिक डा. आर.डी.तिवारी द्वारा किसानों एवं चीनी मिल स्टॉफ को बताया गया कि किसी भी दशा में प्रतिबन्धित प्रजातियों अथवा अस्वीकृत एवं अन्य राज्यों की विकसित प्रतिबन्धित प्रजातियो की बुवाई कदापि ना करें। गन्ना बीज के गुणवत्ता, प्रजातिय शुद्धता एवं गन्ना प्रजाति के लम्बे जीवनकाल को बनाये रखने हेतु प्रत्येक कृषक प्रत्येक वर्ष अपने बोये जाने वाले पौधा गन्ना क्षेत्रफल के दसवें भाग में स्वयं का नर्सरी लगावें, जिसमे गन्ने के ऊपरी एवं तिहाई हिस्से को बीज मे प्रयोग करें, बुवाई पूर्व बीज को फंफूदीनाशक एवं कीटनाशक से पूरी रात पानी के घोल में शोधित करके खेत को ट्राइकोडर्मा से शोधित करने के उपरान्त ही एवं ऑख के टुकडे़ की बुवाई टैंच विधि से करने तथा नर्सरी की अन्य क्रियाये नियमित रूप से देख-रेख करके समय-समय पर संतुलित उर्वरकों, सिंचाई, गुड़ाई के साथ-साथ कीट/बीमारी के आपतन अनुसार कार्य करते रहे एवं उसी नर्सरी में उगाये गये गन्ने को बीज के रूप मे प्रयोग करने हेतु बताया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता पूर्व ब्लॉक प्रमुख नकहा हरिवंश लाल वर्मा ने की, उन्होंने अपने संबोधन में सभी उपस्थित महानुभावों का आभार व्यक्त किया गया तथा चीनी मिल प्रबन्धन एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से भुगतान में तेजी देने की बात कही, गोष्ठी में लगभग 200 कृषकों ने भाग लिया, गोष्ठी में प्रगतिशील कृृषक गुडडू यादव, रोशन लाल, कृष्ण मोहन, युनुस, प्रज्ञानन्द, कामता यादव एवं कमलेश कुमार आदि उपस्थित रहें।
